संजय सिन्हा आज अपने घर की कहानी सुना रहे हैं कि कैसे जब वे दिन भर के काम के बाद घर पहुंचे तो उनके सामने पानी की ग्लास आ गई. वे अपने पिताजी और मां का जिक्र करते हैं कि कैसे पिताजी के घर वापस लौटने पर मां पानी थमातीं और वे पूरी जग खाली कर देते. वे दोनों आपस में अपनी दिनचर्या साझा कर रहे हैं. इसी बीच उनकी पत्नी उनसे सबसे अधिर रोमांटिक गाने के बारे में पूछती हैं और वे इस बात के बारे में कहने लगते हैं कि कैसे इस भागदौड़ भरी जिंदगी में हमने आम सी बातों को भी भुला दिया है. कैसे हम एक-दूसरे का हाथ थामने में भी झिझकते हैं.