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संजय सिन्‍हा की कहानी: ओ साथी रे

आज संजय सिन्‍हा जो कहानी आपके लिए लेकर आए हैं उसका नाम है- ओ साथी रे. संजय सिन्‍हा के मुताबिक, जब किसी का जीवन साथी जुदा होता है तो ये एक शरीर की जुदाई नहीं होती. ये आत्मा की जुदाई होती है. असल में जीवन साथी होने का अर्थ ही है आत्मिक एकरूपता. जब आत्मा का हिस्सा चला जाता है, तो बचे हुए हिस्से को अथाह पीड़ा होती है. क्‍या कहना चाहते हैं संजय सिन्‍हा और क्‍या है इस कहानी में खास, जानने के लिए देखें ये पूरा एपिसोड.

Sanjay Sinha brings to you stories that teaches the importance of life and relationships. In the latest episode, he tells a story titled O Sathi re, that focuses on the real world. He narrates a story to prove this point. Listen in to the whole story here.

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