चाल चक्र के इस एपिसोड में हम बात करेंगे आत्मा की. आत्मा के बारे में सबसे प्रमाणिक उल्लेख भगवदगीता में मिलता है. कहा गया है कि आत्मा अविनाशी है, इस पर किसी भी प्राकृतिक भाव का असर नहीं होता. आत्मा पर किसी भी प्रकार की चीजें असर नहीं करती. आत्मा का एक ही स्वाभाविक गुण है, स्वाभाविक रूप से प्रसार करना और ईश्वर में विलीन होना. जब तक आत्मा ईश्वर के अपने मुख्य बिंदु तक नहीं पहुचती, तब तक तमाम शरीर बदलती रहती है. ज्यादा जानकारी के लिए देखें वीडियो.