
आज स्मार्टफोन सिर्फ फोन नहीं रह गया है. इसमें बैंकिंग, चैट, फोटो, लोकेशन, ऑफिस का काम और पर्सनल बातें सबकुछ होता है. यही वजह है कि अब हैकर्स और स्पाइवेयर बनाने वाले लोगों का सबसे बड़ा निशाना भी आपका फोन बन चुका है.
कई बार लोगों को महीनों तक पता ही नहीं चलता कि उनके फोन में कोई स्पाई ऐप चल रहा है या कोई उनकी एक्टिविटी पर नजर रख रहा है.
फोन हैक्ड है कैसे जानें?
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि हर फोन का स्लो होना या बैटरी जल्दी खत्म होना हमेशा हैकिंग नहीं होता. लेकिन अगर कई अजीब चीजें एक साथ दिखने लगें, तो मामला गंभीर हो सकता है.
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साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स के मुताबिक फोन में मौजूद स्पाइवेयर बैकग्राउंड में लगातार काम करता रहता है, जिससे बैटरी तेजी से खत्म होने लगती है और फोन जरूरत से ज्यादा गर्म रहने लगता है.
हैकिंग के साइन्स समझें
अगर आपका फोन बिना इस्तेमाल किए भी गर्म हो रहा है, बैटरी अचानक बहुत तेजी से गिर रही है या मोबाइल डेटा जरूरत से ज्यादा खत्म हो रहा है, तो यह एक बड़ा साइन हो सकता है. कई स्पाइवेयर ऐप्स लगातार इंटरनेट का इस्तेमाल करके आपकी जानकारी बाहर भेजते रहते हैं.

फोन हैक होने का एक और बड़ा साइन है अजीब ऐप्स दिखना. कई बार फोन में ऐसे ऐप्स दिखाई देते हैं जिन्हें आपने कभी डाउनलोड नहीं किया होता. कुछ स्पाइवेयर ऐप्स खुद को कैलकुलेटर, नोट्स या सिस्टम ऐप जैसा दिखाते हैं ताकि लोगों को शक न हो.
अगर किसी ऐप को माइक्रोफोन, कैमरा, मैसेज या लोकेशन की जरूरत नहीं है लेकिन फिर भी वह ये परमिशन मांग रहा है, तो सावधान हो जाना चाहिए.
कैसे पता करें कि कोई आपकी कॉल सुन रहा है?
अगर कॉल के दौरान बार-बार अजीब आवाजें आएं, जैसे बीप, क्लिक, गूंज या दूसरी तरफ से हल्की इलेक्ट्रॉनिक आवाज सुनाई दे, तो यह सस्पिशियस हो सकता है. हालांकि हर बार ऐसा होना टैपिंग नहीं होता, लेकिन अगर यह लगातार हो रहा है, तो जांच जरूरी है.
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इसके अलावा अगर आपका माइक्रोफोन बिना वजह एक्टिव दिखे, तो भी सावधान होना चाहिए. एंड्रॉयड और आईफोन दोनों में अब ऊपर छोटा ग्रीन या ऑरेंज इंडिकेटर दिखाई देता है, जो बताता है कि कोई ऐप कैमरा या माइक्रोफोन इस्तेमाल कर रहा है. अगर आपने कोई ऐप नहीं खोला और फिर भी यह इंडिकेटर दिख रहा है, तो मामला गंभीर हो सकता है.
चेक करें लॉगइन हिस्ट्री
अगर आपको शक है कि आपके मैसेज पढ़े जा रहे हैं, तो सबसे पहले अपने WhatsApp Web, Telegram और Google Account की लॉगिन हिस्ट्री चेक करें.
कई बार लोग फोन नहीं, बल्कि आपका अकाउंट एक्सेस कर लेते हैं. ऐसे में उन्हें आपके मैसेज, फोटो और लोकेशन तक पहुंच मिल जाती है. साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक पुराने लॉग्ड इन डिवाइस और शेयर्ड अकाउंट्स भी बड़ा खतरा बन सकते हैं.
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फोन में अचानक पॉप अप ऐड्स आना, अपने आप ऐप खुलना, अननोन मैसेज भेजे जाना या रैंडम OTP आना भी खतरे का संकेत हो सकता है. कई बार हैकर्स फोन का इस्तेमाल स्पैम या फ्रॉड एक्टिविटीज के लिए भी करते हैं.
अअगर शक हो तो क्या करें?
सबसे पहले फोन में मौजूद सभी ऐप्स चेक करें और जो ऐप पहचान में न आए उसे तुरंत हटाएं. फिर सभी जरूरी अकाउंट्स के पासवर्ड बदलें, खासकर जीमेल, ऐपल आईडी, वॉट्सऐप और बैंकिंग ऐप्स के. फोन का सॉफ्टवेयर तुरंत अपडेट करें क्योंकि कई अटैक्स पुराने सॉफ्टवेयर की कमजोरी का फायदा उठाकर किए जाते हैं.
अगर मामला ज्यादा गंभीर लगे, तो फोन को फैक्ट्री रीसेट करना सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है. लेकिन रीसेट करने से पहले जरूरी डेटा का बैकअप लेना जरूरी है.
एक और जरूरी बात, पब्लिक वाईफाई का इस्तेमाल करते समय सावधान रहें. एयरपोर्ट, कैफे या होटल का खुला WiFi कई बार हैकर्स के लिए आसान रास्ता बन जाता है. इसी तरह अननोन लिंक्स, एपीके फाइल्स और सस्पिशियस अटैचमेंट डाउनलोड करने से भी बचना चाहिए.
सच यह है कि आज फोन हैकिंग पहले से ज्यादा आसान हो चुकी है और कई बार लोगों को पता भी नहीं चलता. लेकिन अगर आप समय रहते साइन्स पहचान लें, तो बड़ा नुकसान होने से बचा जा सकता है. इसलिए फोन की छोटी-छोटी अनयूजुअल एक्टिविटीज को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है.