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किसान आंदोलन से जुड़े 250 ट्विटर हैंडल बैन, अब फिर से हुए ऐक्टिव

Twitter ने ऐसे कई अकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया है जो किसान आंदोलन के बारे में ट्वीट कर रहे थे. कुछ खास हैशटैग को भी ट्विटर ने ब्लॉक किया है. कंपनी ने इसके बारे में स्टेटमेंट भी जारी कर दिया है.

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स्टोरी हाइलाइट्स
  • Twitter ने किसान आंदोलन को लेकर किए जा रहे ट्वीट्स ब्लॉक करने शुरू किए हैं.
  • ट्विटर ने स्टेटमेंट जारी करके कहा है कि इसके लिए रिक्वेस्ट किया गया है.

माइक्रो ब्लॉगिंग वेबसाइट Twitter एक बार फिर से विवादों में है. ट्विटर ने किसान एकता मोर्चा और कारवां से जुड़े ट्विटर अकाउंट्स को भारत में ब्लॉक कर दिया है. भारत सरकार ने ट्विटर को इन अकाउंट्स को बंद करने के लिए कानूनी नोटिस भेजा था. जिसके बाद ट्विटर ने इन अकाउंट्स का बंद कर दिया है. 

अपडेट: कुछ घंटों तक अकाउंट्स को Withheld रखने के बाद एक बार फिर से वो ट्विटर हैंडल फिर से ऐक्टिव हो गए हैं. ट्विटर इसे लेकर आने वाले कुछ समय में स्टेटमेंट जारी कर सकता है. स्टेटमेंट आते ही हम इसके बारे में आपको बताएंगे. 

ट्विटर ने भारत में किसान एकता मोर्चा, द कारवां इंडिया, माणिक गोयल, ट्रेक्टर 2 वाइट और जट_जंक्शन को बंद कर दिया है. माना जा रहा है कि ट्विटर को किसान संगठनों, कार्यकर्ताओं और वैसे मीडिया समूहों के अकाउंट ब्लॉक करने का नोटिस दिया गया है. जो नए फार्म बिल के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर ट्वीट कर रहे थे. 

250 से ज्यादा अकाउंट्स ब्लॉक..

सरकारी अधिकारियों ने कहा कि ट्विटर को 250 से अधिक अकाउंट्स या ट्वीट्स को ब्लॉक करने के लिए कहा गया है. जो एक खास हैशटैग के साथ ट्वीट कर रहे थे. अधिकारियों ने बताया कि MEITY (IT Ministry) ने लगभग 250 ट्वीट्स या ट्विटर अकाउंट को बंद कर दिए है. जो #ModiPlanningFarmerGenocide हैशटैग का यूज कर रहे थे. ये अकाउंट्स 30 जनवरी को गलत और भड़काने वाले ट्वीट्स कर रहे थे.

ये कार्रवाई कानूनी एजेंसियों और गृह मंत्रालय के कहने पर ट्वीटर की ओर से की गई है. सरकार ने कहा है कि ये कार्रवाई किसान आंदोलन के कारण हिंसा फैलने से रोकने के लिए की गई है. इन ब्लॉक अकाउंट्स में कुछ ऐसे भी अकाउंट है जो उस हैशटैग का यूज नहीं कर रहे थे. 

कितने अकाउंट्स और बैन हुए हैं फिलहाल साफ नहीं.. 

अभी तक ये साफ नहीं कितने अकाउंट्स ब्लॉक किए जा चुके है. ट्विटर यूजर्स लगातार पता कर रहे है. जिन अकाउंट्स से किसान आंदोलन के संबंधित ट्वीट किए जा रहे थे. उसे भारत में ब्लॉक किया जा चुका है.

माना जा रहा है ट्वीटर ने इन अकाउंट्स पर रीजनल पाबंदी लगाई है. जिसकी वजह से भारत में ये अकाउंट्स नहीं दिख रहे है. ऐसे ही एक ब्लॉक ट्विटर अकाउंट @thecaravanindi खोलने पर एक मैसेज पर लिखा हुआ आ रहा है. जिसमें कहा गया है कि कानूनी मांग के जवाब में भारत में इस अकाउंट को रोक दिया गया है. ऐसे ही मैसेज दूसरे ब्लॉक अकाउंट्स के लिए भी दिख रहा है.

अभी  ट्विटर पर चल रही बातचीत के अनुसार कई अकाउंट्स बंद हो चुके है. जिसमें imMAK02s, @thecaravanindia, @Kisanektamorcha, @manavijyan, @derasachasauda, @Bkuektaugrahan, @ tractor2twitr, @ aartic02, @sus02, @ushant2; sanjukta, @HansrajMeena, @EpicRoflDon, @shashidigital जैसे अकाउंट्स शामिल है. इस लिस्ट में प्रसार भारती के सीईओ शशि शेखर अकाउंट भी शामिल है. माना जा रहा है कि ये गलती से हुआ है. इसमें निशाने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर का अकाउंट था. 

ट्विटर का स्टेटमेंट 

'कई देशों में कानून हैं जो ट्वीट्स या ट्विटर अकाउंट पर लागू हो सकते हैं. ट्विटर अपनी सेवाओं को हर जगह लोगों को उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है. अगर उन्हें किसी ऑथोराइज्ड ऑथोरिटी से वैलिड रिक्वेस्ट मिलती है तो वो किसी विशेष देश में कुछ कंटेंट पर रोक लगा देते है. कुछ कंटेंट को रोकना जरूरी होता है. फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन के लिए ट्रांसपेरेंसी बहुत जरूरी है. कंटेंट को रोकने के लिए उनके पास एक नोटिस पॉलिसी है. कंटेंट हटाने के रिक्वेस्ट मिलने पर अगर उन्हें सूचना देने से मना नहीं किया जाता है तो वो तुरंत अफ्फेक्टेड अकाउंट को सुचना देंगे. किसी लीगल ऑथोरिटी या कोर्ट से सीलबंद आदेश मिलने पर वो अफ्फेक्टेड अकाउंट को सूचना दिए बिना ही उनका अकाउंट्स बंद कर सकते है'

गृह मंत्रालय ने दिल्ली बार्डर पर हो रहे किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए उस एरिया में इंटरनेट पर रोक लगा दी है. जिसके बाद अब ट्विटर पर अकाउंट ब्लॉक करने के कार्रवाई की गई है. अपने ग्लोबल साइट पर ट्विटर बताता है कि किसी देश में कानूनी नोटिस मिलने के बाद वो उस अकाउंट को ब्लॉक करने के बजाय उस देश में उसे रोक देता है.

कंपनी आगे कहती है कि उनकी सेवाओं को हर जगह लोगों को उपलब्ध कराने के वो लगातार प्रयासरत है. अगर उन्हें किसी ऑथोराइज्ड ऑथोरिटी से वैलिड रिक्वेस्ट मिलती है तो वो किसी विशेष देश में कुछ कंटेंट पर रोक लगा देते है. जो कंटेंट स्थानीय कानून का उल्लंघन करता है. स्थानीय कानून के हिसाब से उपसपर इस तरह की कार्रवाई की जाती है.
 

 

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