ऐपल उन गिनी चुनी कंपनियों में से है जो अपने आने वाले प्रोडक्ट्स को सालों तक पूरी तरह छुपाकर रखती है. इसलिए आपने दूसरी कंपनियों की तरह ऐपल के किसी प्रोडक्ट का टीजर कभी नहीं देखा होगा. हालांकि सालों से ऐपल के आईफोन लॉन्च से पहले लीक हो जाते हैं.
टेक इंडस्ट्री में एक सच्चाई यह भी है कि ऐपल से जुड़ी सबसे बड़ी कहानियां अक्सर लॉन्च से पहले ही बाहर आ जाती हैं. इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है. फर्क बस इतना है कि इस बार लीक किसी अफवाह या सप्लाई चेन रिपोर्ट से नहीं, बल्कि उस शख्स से आया है जिसके खिलाफ ऐपल पहले ही कानूनी कार्रवाई कर चुका है.
हाल के दिनों में ऐपल के Foldable iPhone को लेकर चर्चाएं फिर तेज़ हो गई हैं. यह वही प्रोडक्ट है जिसे लेकर सालों से कहा जाता रहा है कि ऐपल इस सेगमेंट में तब तक एंट्री नहीं करेगा जब तक टेक्नोलॉजी पूरी तरह तैयार न हो जाए. अब जो जानकारी सामने आई है, वह इसी सोच को मजबूत भी करती है और नए सवाल भी खड़े करती है.
जॉन प्रॉसर नाम के यूट्यूबर ने एक बार फिर से Foldable iPhone का डिजाइन लीक किया है. लीक के मुताबिक ऐपल का फोल्डेबल आईफोन बुक स्टाइल डिजाइन में हो सकता है. यानी फोन बंद रहने पर यह एक नॉर्मल बार स्मार्टफोन जैसा दिखेगा और खोलने पर टैबलेट साइज स्क्रीन में बदल जाएगा.
बताया जा रहा है कि बाहर की स्क्रीन कॉम्पैक्ट होगी ताकि रोज़मर्रा के इस्तेमाल में फोन भारी न लगे, जबकि अंदर की स्क्रीन बड़ी होगी जो वीडियो, पढ़ने और मल्टीटास्किंग के लिए बनाई गई है.
रिपोर्ट के मुताबिक फोल्डेबल आईफोन में क्रीज ना के बराबर होगा. फोल्डेबल फोन की सबसे बड़ी कमजोरी यही रही है कि स्क्रीन के बीच एक लाइन साफ दिखती है. इंडस्ट्री में लंबे समय से चर्चा है कि ऐपल बिना क्रीज़ या बहुत कम क्रीज़ वाली डिस्प्ले टेक्नोलॉजी पर काम कर रहा है, और इसी वजह से वह अब तक फोल्डेबल फोन लॉन्च करने से बचता रहा.
इस पूरे मामले को और दिलचस्प बनाता है कानूनी बैकग्राउंड. जिस व्यक्ति ने यह जानकारी शेयर की है, उसके खिलाफ ऐपल पहले ही ट्रेड सीक्रेट चोरी करने का आरोप लगा चुका है.
कंपनी का दावा है कि उसके इंटरनल सॉफ्टवेयर और डिजाइन से जुड़ी जानकारी गैरकानूनी तरीके से बाहर लाई गई. इसके बावजूद नई जानकारी सामने आना यह दिखाता है कि ऐपल के लिए अपने सीक्रेट्स को पूरी तरह कंट्रोल में रखना अब पहले जितना आसान नहीं रहा.
टेक इंडस्ट्री के जानकार मानते हैं कि फोल्डेबल आईफोन की टाइमिंग भी बेहद अहम होगी. अभी तक फोल्डेबल मार्केट में सैमसंग और कुछ हद तक गूगल जैसे ब्रांड्स मौजूद हैं, लेकिन यह सेगमेंट अभी भी नीश कैटेगरी में ही गिना जाता है. ऐपल की एंट्री इस कैटेगरी को मेनस्ट्रीम बना सकती है, ठीक वैसे ही जैसे उसने पहले स्मार्टफोन और स्मार्टवॉच के साथ किया था.
यह भी मुमकिन है कि ऐपल फोल्डेबल आईफोन को एक अलग पहचान के साथ पेश करे. चर्चा है कि कंपनी इसे प्रो या अल्ट्रा कैटेगरी में रख सकती है ताकि यह एक प्रीमियम और लिमिटेड ऑडियंस के लिए बना प्रोडक्ट लगे. इससे ऐपल को टेक्नोलॉजी को धीरे धीरे स्केल करने का वक्त भी मिल जाएगा.
फिलहाल ऐपल की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. कंपनी हमेशा से लीक और रूमर्स पर प्रतिक्रिया नहीं देती. लेकिन इतना साफ है कि फोल्डेबल आईफोन अब सिर्फ एक दूर की संभावना नहीं रह गया है. इस साल सितंबर में ऐपल iPhone 18 सीरीज के साथ ही फोल्डेबल लॉन्च कर सकता है.