इसी साल सितंबर में ऐपल iPhone 18 सीरीज लॉन्च करेगा. लेकिन उससे पहले कंपनी ने एक छोटा, लेकिन इंपॉर्टेंट गैजेट लॉन्च किया है. चाबी कहीं रखकर भूल जाना. बैग टैक्सी में छूट जाना. या एयरपोर्ट पर लगेज का गायब हो जाना. ये काफी कॉमन हो चुका है. इन प्रॉबल्म्स के सल्यूशन के लिए ऐपल ने कुछ साल पहले AirTag लॉन्च किया था. अब कंपनी ने AirTag 2 पेश कर दिया है, और इस बार यह सिर्फ एक छोटा ट्रैकर नहीं, बल्कि काफी ज्यादा पावरफुल लोकेशन डिवाइस बन गया है.
नए AirTag 2 का ट्रैकिंग रेंज पहले से बेहतर और पावरफुल हो चुका है. पहले AirTag आसपास के iPhone नेटवर्क पर निर्भर रहता था. यानी अगर खोया हुआ सामान ऐसे एरिया में हो जहां iPhone कम हों, तो लोकेशन अपडेट स्लो हो जाती थी. लेकिन AirTag 2 में अब नया Ultra Wideband चिप दिया गया है, जिससे नजदीक मौजूद iPhone से इसका कनेक्शन ज्यादा दूर तक और ज्यादा तेज़ बनता है. आसान भाषा में कहें तो अब खोया हुआ सामान पहले से ज्यादा दूरी से और ज्यादा सटीक तरीके से ट्रैक हो पाएगा.
नए एयरटैग की एक खासियत इसमें दिया गया छोटा, लेकिन पावरफुल स्पीकर भी है. पुराने AirTag में आवाज़ कम होने की शिकायत रहती थी. खासकर भीड़भाड़ वाली जगह में बीप सुनना मुश्किल हो जाता था. AirTag 2 में लाउडर स्पीकर दिया गया है. यानी अगर बैग सोफे के नीचे पड़ा है या कार की सीट के अंदर फंसा है, तो आवाज़ सुनकर उसे ढूंढना अब आसान होगा.
AirTag 2 प्राइवेसी फीचर्स
ऐपल ने प्राइवेसी इस बार एयर टैग की प्राइवेसी पर भी काफी फोकस रखा है. AirTag के पहले वर्जन को लेकर दुनिया भर में शिकायतें आई थीं कि इसका गलत इस्तेमाल किसी को ट्रैक करने के लिए किया जा सकता है.
AirTag 2 में एंटी स्टॉकिंग सिस्टम और बेहतर अलर्ट्स जोड़े गए हैं. अगर कोई AirTag लंबे समय तक आपके साथ बिना परमिशन मूव कर रहा है, तो फोन खुद अलर्ट देगा. कंपनी ने इसकी कीमत 3790 रुपये रखी है.
डिज़ाइन की बात करें तो AirTag 2 बाहर से लगभग पहले जैसा ही दिखता है. छोटा, गोल और सफेद डिस्क. लेकिन अंदर के टेक में कई बड़े बदलाव हुए हैं. बैटरी अब भी Coin-Cell पर चलती है, ताकि यूज़र खुद आसानी से बदल सके.
सबसे दिलचस्प बात यह है कि AirTag 2 अब सिर्फ चाबी या बैग के लिए नहीं सोचा गया है. ट्रैवल इंडस्ट्री में इसे लगेज ट्रैकिंग के नए स्टैंडर्ड की तरह देखा जा रहा है. कई एयरलाइंस पहले से AirTag डेटा को अपने सिस्टम में इंटीग्रेट करने पर काम कर रही हैं, ताकि अगर बैग मिसप्लेस हो जाए तो यात्री और एयरलाइन दोनों उसे आसानी से खोज सकें.