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लाल किले से टेक्नॉलॉजी पर ये '5' बातें कर सकते हैं पीएम मोदी

पिछली बार की तरह इस बार भी पीएम मोदी टेक्नॉलॉजी पर बोलेंगे. हम आपको ऐसे पांच प्वॉइंट बताते हैं जिसका जिक्र इस साल के भाषण में हो सकता है.

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फाइल फोटो (रॉयटर्स) फाइल फोटो (रॉयटर्स)

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले के प्राचीर से देश को संबोधित करेंगे. इस दौरान वो कई मुद्दों पर बोलेंगे. इस बार उन्होंने ट्वीट करके लोगों से मुद्दे बताने के लिए कहा है जिसे वो अपने भाषण में शामिल कर सकते हैं.

पिछली बार की तरह इस बार भी पीएम मोदी टेक्नॉलॉजी पर बोलेंगे. हम आपको ऐसे पांच प्वॉइंट बताते हैं जिसका जिक्र इस साल के भाषण में हो सकता है.

आधार

जन्म से लेकर मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आधार को आवश्यक करने का प्लान है . इसके अलावा मोबाइल नंबर खरीदने और दूसरी जरूरी चीजों के लिए भी आधार कार्ड आवश्यक होगा. सरकार का दावा है कि इससे घोटाला रोकने में मदद मिलेगी. इस बार के भाषण में पीएम मोदी आधार आधारित प्लान के बारे में बोल सकते हैं.

चूंकि इस इस साल आधार डेटा लीक से इस प्रोजेक्ट और सरकार की किरकिरी हो चुकी है और इससे होने वाले संभावित प्राइवेसी के खतरे की खबरें भी आती रही हैं. इसलिए मुमकिन है इसके बारे में भी पीएम मोदी कुछ कहेंगे. आधार के पहुंच और इसके फायदे के बारे में भी पीएम मोदी बता सकते हैं.

भीम ऐप/यूपीआई/डिजिटल ट्रांजैक्शन

डिमोनेटाइजेशन के बाद डिजिटल ट्रांजैक्शन तेजी से बढ़ा है. सरकार ने इसके लिए भीम लॉन्च किया जो यूपीआई पर आधारित है. इसके लिए बैंकों को साथ लाया गया है. इस ऐप के लिए कई ऑफर्स भी लॉन्च किए गए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे यूज करें. पीएम मोदी अपने भाषण में इस ऐप के विस्तार के बारे में बता सकते हैं. इसके अलावा आधार पे और यूपीआई का भी जिक्र हो सकता है.

डिजिटल ट्रांजेक्शन के दूसरे मोड लॉन्च करने का भी प्लान पीएम मोदी के भाषण का हिस्सा हो सकता है. इसके साथ ही सिक्योरिटी चैलेंज का भी जिक्र होने की उम्मीद है.

डिजिटल इंडिया, ई गवर्नेंस, मोबाइल गवर्नेंस

पीएम मोदी ने पहले भी मोबाइल गवर्नेंस के बारे में बोला है और इस बार भी इसमें विस्तार कर सकते हैं. नेक्स्ट जेनेरेशन मोबाइल और ई गवर्नेंस का रोडमैप रखा जा सकता है. चूंकि पिछले कुछ सालों से डिजिटल इंडिया के तहत मोबाइल और ई-गवर्नेंस लागू किया जा रहा है तो इस बार पीएम मोदी इसका भी उदाहरण दे सकते हैं.

सार्क सेटेलाइट GSAT 9  

भारत में सार्क देशों के लिए स्पेस में कम्यूनिकेशन सैटेलाइट भेजा है. साउथ एशिया सैटेलाइट GSAT-9 को इकॉनॉमिक और डेवेलपमेंट के लिए लॉन्च किया गया है. 2014 में ही पीएम मोदी ने इसरो से सार्क देशों के लिए ये सैटेलाइट डेवेलप करने को कहा था. इसमें 253 करोड़ रुपये की लागत आई और इसे लॉन्च किया गया. यह 12 साल तक काम करेगा.

पीएम मोदी अपने भाषण में इसका जिक्र कर सकते हैं और इसकी कामयाबी के बारे में बाताते हुए आगे के प्लान के बारे में भी बता सकते हैं. इसके अलावा इसरो की सफलताओं और आगे के प्लान के बारे में देश को बता सकते हैं.

इन सब के अलावा भाषण में डिजिटल इंडिया को लेकर रोडमैप की बातें हो सकती हैं. देश भर में ग्रम पंचायत को इंटरनेट से जोड़ने वाले प्रोजेक्ट के बारे में बताया जा सकता है. टेलीकॉम क्षेत्र में तरक्की और डेटा यूसेज की भी बात हो सकती है. 

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