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POCO X3 Pro Review: क्या ये मिड रेंज सेग्मेंट का बेस्ट गेमिंग फोन है?

POCO X3 Pro Review: ये फोन मिड रेंज सेग्मेंट का है. गेमिंग के लिए अगर आप ज्यादा महंगा फोन नहीं लेना चाहते तो ये लिया जा सकता है. लेकिन इससे पहले ये रिव्यू पढ़ लें.

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POCO X3 Pro POCO X3 Pro
स्टोरी हाइलाइट्स
  • POCO X3 Pro में Qualcomm Snapdragon 860 प्रोसेसर है.
  • POCO X3 Pro में Gorilla Glass 6 की प्रोटेक्शन दी गई है.
  • POCO X3 Pro में 120Hz रिफ्रेश रेट है, सैंपलिंग रेट 240 है.

POCO X3 Pro Review: ये स्मार्टफोन जैसा की नाम से आप समझ रहे होंगे POCO X3 का नया वर्जन है. दूर से देखने में भी ये स्मार्टफोन POCO X3 जैसा ही लगता है. हालांकि यूज करने पर आप फर्क आराम से समझ सकेंगे. 

हफ्ते भर यूज करने के बाद हम आपको इस फोन का रिव्यू बताते हैं. POCO X3 एक मिड रेंज सेग्मेंट का स्मार्टफोन है. इस फोन गेमिंग के लिए अच्छा बताया जा रहा है. आइए जानतें है कि ये फोन किन-किन एंगल से बढ़िया है और इसकी कमियां क्या हैं. 

POCO X3 Pro: डिजाइन और बिल्ड क्वॉलिटी के मामले में कैसा है? 

POCO X3 Pro का डिजाइन गेमिंग लवर्स को पसंद आ सकता है. फोन न ज्यादा भारी है और न ही ज्यादा हल्का. फोन होल्ड करने में ग्रिपल अच्छी रहती है. 

फोन का बैक पैनल प्लास्टिक का है. प्लास्टिक होना बुरी बात नहीं है, क्योंकि 1.25 लाख रुपये के फोन में भी प्लास्टिक बैक मिलता है. लेकिन इस फोन का प्लास्टिक बैक थोड़ा हल्का लगता है.

फोन हेडफोन जैक मिलता है और नीचे की तरफ स्पीकर ग्रिल दिया गया है. ऑडियो के मामले में ये अच्छा है. यानी बिना हेडफोन लगा कर भी गेमिंग के दौरान अपने टीम प्लेयर्स की बातें सुन सकते हैं. 

फोन के राइट साइड में होम बटन दिया गया है जिसमें फिंगरप्रिंट स्कैनर भी है. यहां ही आपको वॉल्यूम रॉकर कीज भी मिल जाएंगे. 

फोन का डिजाइन 2021 के लिहाज से थोड़ा ओल्ड स्कूल है. लेकिन बिल्ड क्वॉलिटी सॉलिड है. बैक पैनल पर थोड़ा सा काम और किया जाता तो क्या बता थी... 

कैसी है POCO X3 Pro की डिस्प्ले? 

POCO X3 Pro में 6.67 इंच की LCD डिस्प्ले दी गई है. फुल एचडी प्लस रिज्योलुशन है और 120Hz की रिफ्रेश रेट है. डिस्प्ले के चारों तरफ पतले बेजल्स हैं और सेंटर में सेल्फी के लिए पंचहोल है. 

यहां आपको HDR का सपोर्ट नहीं मिलता है. यानी HDR वाले कॉन्टेंट आप उतने मजे से नहीं देख सकते हैं. दूसरी चीज ये है कि इसमें AMOLED पैनल भी नहीं है. 

कई लोगों के लिए AMOLED पैनल न होना सबसे बड़ा निराशा का कारण होता है. हालांकि अच्छे से ट्यूनिंग की गई हो तो एलसीडी भी अच्छे लगते हैं. 

दूसरी अच्छी बात ये है कि टच सैंपलिंग रेट 240Hz का है तो ये और भी रिस्पॉन्सिव हो जाता है. डिस्प्ले का व्यूइंग एंगल भी अच्छा है. आउटोडर में भी आप स्क्रीन के कॉन्टेंट को देख सकेंगे. 

डिस्प्ले प्रोटेक्शन के लिए यहां कंपनी ने काफी अच्छा काम किया है. इसमें Gorilla Glass 6 दिया गया है यानी डिस्प्ले मजबूत भी होगी. अफसोस ये है कि मैं फोन गिरा कर ड्रॉप टेस्ट नहीं कर सकता. हमारी सलाह ये है कि फोन आप भी न गिराएं... 

POCO X3 Pro कैसा चलता है? परफॉर्मेंस 

POCO X3 Pro  भले ही एक मिड रेंज स्मार्टफोन हो, लेकिन इसमें प्रोसेसर हाई एंड जैसा ही है. इस फोन में Qualcomm Snapdragon 860 दिया गया है. Qualcomm का मौजूदा फ्लैगशिप Snapdragon 888 है जो अभी के सबसे मंहगे एंड्रॉयड में मिलता है. 

Snapdragon 860 की बात करें तो ये यहां फोन का गेम बदल जाता है. इसके साथ ही 120Hz रिफ्रेश रेट वाली डिस्प्ले भी मिलती है. अब अगर गेमिंग की बात करें तो यहां बिल्कुल स्मूद गेमिंग होती है. 

आम तौर पर जिस फोन में हेवी गेम्स अच्छे से चल जाते हैं उन्हें ठीक मान लिया जाता है. क्योंकि गेमिंग के दौरान स्मार्टफोन कई तरह से टेस्ट हो जाता है. मसलन, फोन गर्म हो रहा है या नहीं, बैटरी कितनी तेजी से ड्रेन हो रही है, दूसरे ऐप्स ओपन होने में दिक्कत तो नहीं कर रहे हैं या फिर मल्टी टास्किंग में समस्या आ रही है. 

इन सब मामलों में ये फोन खरा उतरता है. हालांकि लगातार गेम खेलेंगे तो निश्चित तौर पर ये फोन गर्म होगा. बैटरी भी ड्रेन होगी, लेकिन उतनी तेजी से नहीं. 

चूंकि ये 100% गेमिंग फोन नहीं है, इसलिए कुछ समय आप फ्रेम ड्रॉप एक्सीपिरिएसं कर सकते हैं. लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि आपको महसूस नहीं होगा. अगर महसूस हो रहा है तो फिर मेरी सलाह ये रहेगी कि आप फ्लैगशिप सीरीज पर जाएं. 

ओवरऑल ये फोन फास्ट है और आपको ये स्मूद एक्सपीरिएंस देगा. फोन लैग होना या हैंग होने जैसी कोई समस्या हमें अभी तक नहीं हुई. 

POCO X3 Pro का सॉफ्टवेयर कैसा है? 

भले ही भारत में POCO इंडिपेंडेट है, लेकिन ये Xiaomi का ही  हिस्सा है. फोन में सॉफ्टवेयर शाओमी का ही है. पोको लॉन्चर भी यूज कर सकते हैं. 

मुझे पोको लॉन्चर ठीक लगता है, डार्क मोड मेरी पर्सनल च्वाइस है. आप भी इसे यूज कर सकते हैं. इसमें आपको Android बेस्ड MIUI 12.0.4 मिलता है. 

फोन में कई ऐप्स पहले से ही इंस्टॉल्ड मिलते हैं जो मुझे बिल्कुल पसंद नहीं होते. पोको या सैमसंग या रियलमी, कोई भी कंपनी फोन में पहले से इंस्टॉल्ड सॉफ्टवेयर देती है तो ये मुझे रास नहीं आता. 

खैर, फोन तो आपको खरीदना है मुझे नहीं. इसलिए आप तय कर लें. अगर आपको पंसद हैं तो बिल्कुल खरीदें. क्योंकि इसमें कुछ बुरा भी नहीं है. 

यूजर इंटरफेस को सिंपल रखने की कोशिश की गई है. छोटे-छोटे काम के फीचर्स आपको मिलेंगे. फिलहाल सॉफ्टवेयर को लेकर आपके पास ज्यादा च्वाइस है नहीं. शाओमी के किसी भी स्मार्टफोन में आपको इसी तरह का सॉफ्टेवयर देखने को मिलेगा. 


कैमरा का क्या हिसाब किताब? 

इस फोन में 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी लेंस मिलता है. टोटल चार कैमरे दिए गए हैं.  प्राइमरी कैमरा के अलावा एक 2 मेगापिक्सल का डेप्थ सेंसर है.  8 मेगापिक्सल का वाइड एंगल लेंस है और 2 मेगापिक्सल मैक्रो लेंस है. 

एक बात तो फैक्ट है कि ज्यादा कैमरा अब एक तरह से मार्केटिंग का टूल बन चुका है. हमने लगातार ये उदाहरण देखें हैं जहां एक या दो कैमरे से भी लगभग हर काम किए जा सकते हैं. कुछ अपवाद को छोड़ कर. 

इस फोन में आप सबसे ज्यादा प्राइमरी लेंस का यूज करेंगे जो डीसेंट है. आउटोडर में आप इससे अच्छी तस्वीरें क्लिक कर सकते हैं. कम रौशनी या इनडोर में ये फीका लगता है. 

दूसरे लेंसों की बात करें तो मैक्रो लेंस प्रभावित करता है. डेप्थ सेंसर का काम सॉफ्टवेयर से किया जा सकता था. लेकिन अब सेंसर है तो यूज भी है. अच्छी रौशनी में डेप्थ इफेक्ट वाली फोटोज अच्छी आती हैं. 

प्राइमरी कैमरे से क्लिक की गई तस्वीरों में कलर्स उतने सटीक नहीं होते हैं. यानी असल जिंदगी में जैसे रंग दिखते हैं वैसे नहीं दिखेंगे. 

रही बात फोटो क्वॉलिटी की तो प्राइमरी लेंस से क्लिक की गई फोटोज में क्वॉलिटी भी होती है. यानी अगर आप फोटो को  जूम करके देखेंगे तो आपको पर्याप्त डीटेल्स मिलेंगी. 

अब यही बात अल्ट्रा वाइड से क्लिक की गई फोटो के साथ नहीं है. क्योंकि अल्ट्रा वाइड लेंस से क्लिक की गई तस्वीरों में उतनी डीटेल्स नहीं होती हैं. 

ओवरऑल हमें इस फोन का कैमरा मिक्स्ड लगा है. अगर आपको फोन खरीदने का मकसद सिर्फ अच्छी फोटॉग्रफी है तो इस रेंज में कई और ऑप्शन्स आपको मिल जाएंगे.

सबकुछ तो ठीक है, लेकिन कितने देर तक? 

देर तक यानी फोन की बैटरी कब तक साथ देगी? POCO X3 Pro में 5,160mAh की बैटरी दी गई है. इसके साथ 33W का फास्ट चार्जर दिया गया है. 

बैकअप मामले में ये फोन बिल्कुल निराश नहीं करेगा. हां, ऐसा भी नहीं है कि आप इसे हफ्ते भर चला लेंगे. लेकिन अगर फोन मिक्स्ड यूज करते हैं तो बैटरी इसकी एक दिन से ज्यादा आराम से चल जाएगी. 

जम कर गेमिंग करते हैं तो फिर क्या कहा जाए. दिन भर के बाद आपको पावर की जरूरत होगी और इसे चार्ज करना होगा. बैटरी लाइफ इस फोन का एक प्लस प्वाइंट भी है. 

हमारा फैसला? 

चूंकि हम जज नहीं हैं तो हम फैसला नहीं भी नहीं देते. फैसला नहीं, रेटिंग देते हैं. हम सिर्फ फोन की खूबियां और कमियां रिव्यू के जरिए आप तक पहुंचाते हैं. फोन खरीदना या न खरीदना आपके ऊपर है. 
 
POCO X3 Pro का परफॉर्मेंस शानदार है. डिस्प्ले अच्छी है, लेकिन और बेहतर करने की गुंजाइश थी. कैमरा मिक्ड्  है, यानी न ज्यादा शानदार और न खराब. लुक और फील अच्छी है. बैटरी बैकअप तो अच्छा है ही. गेमिंग ही नहीं, बल्कि इस सेग्मेंट में एक परफॉर्मेंस स्मार्टफोन के लिहाज से ये अच्छा है. 

आज तक रेटिंग – 8/10 

 

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