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अब मोबाइल नंबर के लिए भी जरूरी होगा आधार

सभी टेलीकॉम कंपनियां सभी मौजूदा मोबाइल कस्टमर्स का वेरिफिकेशन फिर से करेंगे. इनमें दोनों प्रीपेड और पोस्टपेड यूजर्स शामिल होंगे. इनका वेरिफिकेशन आधार कार्ड आधारित E-KYC प्रोसेसर के जरिए किया जाएगा.

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मोबाइल यूजर (रॉयटर्स फोटो)
मोबाइल यूजर (रॉयटर्स फोटो)

हाल ही में इनकम टैक्स फाइल करने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य किया गया है. इसके बाद अब मोबाइल नंबर के लिए भी आधार अनिवार्य करने की तैयारी की जा रही है. अब सभी मोबाइल नबंर्स को आधार कार्ड से जोड़ना जरूरी होगा. डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम ने टेलीकॉम कंपनियों को एक नोटिस भेजा है जिसमें यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि सब्सक्राइबर्स के मोबाइल नंबर उनके आधार से जुड़े हों. इस प्रक्रिया को एक साल में पूरा करने के लिए कहा गया है.

डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम के एक स्टेटमेंट के मुताबिक उन्हें उम्मीद है कि यह प्रक्रिया एक साल के अंदर पूरी कर ली जाएगी.

आदेश के मुताबिक यह प्रक्रिया 6 फरवरी 2018 से पहले पूरी हो जानी चाहिए. यानी इसके बाद संभव है कि जिस मोबाइल यूजर ने आधार कार्ड देकर वेरिफिकेशन नहीं कराया उनकी सर्विस बंद की जा सकती हैं.

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सभी कस्टमर्स की वेरिफिकेशन फिर से होगी
सभी टेलीकॉम कंपनियों सभी मौजूदा कस्टमर्स की वेरिफिकेशन फिर से करेंगे. शामिल होंगे. इनकी वेरिफिकेशन आधार कार्ड आधारित E-KYC प्रोसेसर से किया जाएगा.

मत्रालय ने सभी कंपनियों से विज्ञापनों को जरिए कस्टमर्स को यह बताने के लिए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक उनका एक बार फिर से वेरिफिकेशन कराया जाएगा. इसके अलावा यह भी आदेश दिया गया है कि कंपनियां तमाम जानकारियां मैसेज और वेबसाइट के जरिए सभी कस्टमर्स तक पहुंचाएं.

SMS के जरिए होंगे सिम कार्ड्स के वेरिफिकेशन. उनके नंबर पर वेरिफिकेशन कोड भेजेंगी. E-KYC प्रोसेस से पहले टेलीकॉम ऑपरेटर यह भेजे गए कोड के जरिए सुनिश्चित करेगी कि वो सिम कार्ड होल्डर उपलब्ध है या नहीं. इस प्रोसेस के बाद टेलीकॉम कंपनियां E-KYC प्रोसेस शुरू करेंगी.

इससे पहले प्रीपेड मोबाइल यूजर्स के लिए वेरिफिकेशन जरूरी किया गया है
हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि देश के 90 फीसदी प्रीपेड सिम ग्राहकों को अपना मोबाइल रीचार्ज कराने के लिए पहचान पत्र देना होगा. गौरतलब है कि भारत में लगभग 90 फीसदी मोबाइल यूजर्स के पास प्रीपेड सिम है जबकि सिर्फ 10 फीसदी यूजर्स ही पोस्टपेड सिम यूज करते हैं.

अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी के मुताबिक इस प्रोग्राम की शुरुआत में लगभग 1 साल लग सकते हैं. इसके तहत प्रीपेड कार्ड्स को बिना आधार कार्ड या वैलिड पहचान पत्र दिखाए बिना रीचार्ज नहीं कराया जा सकेगा.

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