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Tokyo Olympics: नीरज चोपड़ा दिलाएंगे मेडल! ऐसा करने वाले होंगे भारत के पहले एथलीट

ओलंपिक के इतिहास में अब तक कोई भी भारतीय एथलीट ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धा में पदक नहीं जीत सका है. टोक्यो ओलंपिक में जैवलिन थ्रोअर (भाला फेंक) नीरज चोपड़ा इस सूखे को खत्म कर सकते हैं.

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Neeraj Chopra (Getty)
Neeraj Chopra (Getty)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने जगाईं मेडल की उम्मीदें
  • नीरज चोपड़ा का बेस्ट थ्रो 88.07 मीटर का रहा है

भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक में शानदार आगाज किया है. उन्होंने भाला फेंक (Javelin Throw) प्रतियोगिता के ग्रुप-ए क्वालिफिकेशन में बुधवार को पहले ही प्रयास में भाले को 86.65 मीटर की दूरी तक फेंककर फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया. नीरज ने अपने इस प्रदर्शन से भारत के लिए पदक की उम्मीद जगा दी है. 

ओलंपिक के इतिहास में अब तक कोई भी भारतीय एथलीट ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धा में पदक नहीं जीत सका है. टोक्यो ओलंपिक में जैवलिन थ्रोअर (भाला फेंक) नीरज चोपड़ा इस सूखे को खत्म कर सकते हैं.

Tokyo Olympics: नीरज चोपड़ा का पहले ही थ्रो में कमाल, अब फाइनल में रचेंगे इतिहास! 

जीत सकते हैं पदक

नीरज चोपड़ा से पदक जीतने की उम्मीद इसलिए भी बढ़ जाती है, क्योंकि रियो ओलंपिक में त्रिनिदाद एंड टोबैगो के केशोरन वाल्कॉट ने 85.38 मीटर जैवलिन थ्रो के साथ कांस्य पदक जीता था. ऐसे में नीरज चोपड़ा अगर अपने वर्तमान बेस्ट थ्रो (88.07 मीटर) को ही दोहरा दें, तो वह पोडियम फिनिश कर सकते हैं.

हरियाणा के पानीपत में जन्मे नीरज किसी विश्व स्तरीय एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय एथलीट हैं. उन्होंने 2016 में पोलैंड में हुए आईएएएफ U-20 विश्व चैम्पियनशिप में 86.48 मीटर के जूनियर रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतकर यह उपलब्धि हासिल की थी.

उसी साल नीरज चोपड़ा ने दक्षिण एशियाई खेलों में 82.23 मीटर के थ्रो के साथ एक और स्वर्ण पदक अपने नाम किया. इसके बाद 2017 में नीरज ने 85.23 मीटर तक जैवलिन थ्रो कर एशियाई एथलेटिक्स चैम्पियनशिप का गोल्ड मेडल हासिल किया. फिर 2018 के एशियन और कॉमनवेल्थ गेम्स में भी वह पीला तमगा हासिल करने में सफल रहे.

टोक्यो का सफर 

नीरज चोपड़ा ने पिछले साल साउथ अफ्रीका में आयोजित हुए सेंट्रल नॉर्थ ईस्ट मीटिंग एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के जरिए ओलंपिक का टिकट हासिल किया था. उन्होंने 87.86 मीटर जैवलिन थ्रो कर 85 मीटर के अनिवार्य क्वालिफिकेशन मार्क को पार कर यह उपलब्धि हासिल की. 

हालिया प्रदर्शन 

नीरज चोपड़ा ने इस साल मार्च में पटियाला में आयोजित हुए इंडियन ग्रां प्री में रिकॉर्ड 88.07 मीटर तक जैवलिन थ्रो कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया. इसके बाद वह जून में लिस्बन में आयोजित हुए मीटिंग सिडडे डी लिस्बोआ टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीतने में कामयाब रहे.

इस टूर्नामेंट में पांच पुर्तगाली प्रतिभागियों के बीच उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो 83.18 मीटर रहा, जो स्वर्ण पदक जीतने के लिए काफी था. नीरज चोपड़ा ने छठे एवं आखिरी प्रयास में यह दूरी नापी थी. लिएंड्रो रामोस 72.46 मीटर थ्रो के साथ दूसरे, जबकि फ्रांसिस्को फर्नांडीस 57.25 मीटर थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहे.


 

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