टोक्यो ओलंपिक -2020 में रजत पदक जीतने वाली वेटलिफ्टर मीराबाई चनू को मणिपुर सरकार की ओर से इनाम मिला है. राज्य सरकार ने उन्हें एडिशनल एसपी नियुक्त किया है. मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने सोमवार को घोषणा की कि राज्य सरकार ने मीराबाई चनू को मणिपुर पुलिस में एडिशनल एसी (स्पोर्ट्स) के पद पर तैनात करने का फैसला लिया है.
मीराबाई चनू ने ओलंपिक खेलों की भारोत्तोलन स्पर्धा में पदक का भारत का 21 साल का इंतजार खत्म किया. इससे पहले कर्णम मल्लेश्वरी ने सिडनी ओलंपिक 2000 में देश को भारोत्तोलन में कांस्य पदक दिलाया था. मीराबाई स्वदेश लौट चुकी हैं. उन्होंने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है. एयरपोर्ट पर उनका जोरदार स्वागत किया गया.
गोल्ड में बदल सकता है मीराबाई का मेडल
मीराबाई चनू के लिए एक और अच्छी खबर है. उनका पदक गोल्ड मेडल में बदल सकता है. दरअसल, चीनी खिलाड़ी होऊ झिऊई पर डोपिंग का शक है. टोक्यो में भारतीय समूह में एक संदेश है कि होउ जिहूई का परीक्षण किया जा रहा है और यह देखना होगा कि आगे क्या होता है. इस बारे में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य ज्यादा कुछ नहीं कह रहे हैं.
Happy to be back here in amidst so much love and support. Thank You so much 🇮🇳
— Saikhom Mirabai Chanu (@mirabai_chanu)
अगर टोक्यो ओलंपिक के महिला भारोत्तोलन (49 किग्रा) में मीराबाई का पदक स्वर्ण में तब्दील हो जाता है, तो ओलंपिक के इतिहास में भारत के नाम व्यक्तिगत स्पर्धा में यह दूसरा स्वर्ण पदक होगा. दिग्गज शूटर अभिनव बिंद्रा ने भारत को पहला स्वर्ण पदक (बीजिंग 2008) दिलाया था.