scorecardresearch
 

जब 'बीमर' से खतरे में पड़ सकता था धोनी का करियर...शोएब अख्तर को आज भी इस बात का अफसोस

विराट ब्रिगेड चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ रविवार को होने वाले मुकाबले को लेकर जमकर अभ्यास भी कर रही है. इससे पहले आजतक के खास कार्यक्रम 'सलाम क्रिकेट' में दोनों मुल्कों के खिलाड़ियों ने भाग लिया.

 Faisalabad Test 2006. (Getty) Faisalabad Test 2006. (Getty)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 'सलाम क्रिकेट' में 'रावलपिंडी एक्सप्रेस' शोएब अख्तर ने हिस्सा लिया
  • शोएब अख्तर ने एमएस धोनी से जुड़ा एक वाकया सुनाया

टी20 वर्ल्ड कप 2021 में पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भारतीय टीम के मेंटर का रोल निभा रहे हैं. विराट ब्रिगेड चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ रविवार को होने वाले मुकाबले को लेकर जमकर अभ्यास भी कर रही है. इससे पहले आजतक के खास कार्यक्रम 'सलाम क्रिकेट' में दोनों मुल्कों के खिलाड़ियों ने भाग लिया. 

कार्यक्रम के दौरान पूर्व पाकिस्तानी तेज शोएब अख्तर ने एमएस धोनी से जुड़ा एक वाकया सुनाया. अख्तर ने खुलासा किया कि जनवरी 2006 में आयोजित फैसलाबाद टेस्ट में उन्होंने धोनी को जानबूझकर बीमर गेंद डाली थी. इस चीज का अख्तर को अब भी मलाल है.

'रावलपिंडी एक्सप्रेस' के नाम से मशहूर शोएब अख्तर ने कहा, 'जब एक मुकाबले में हरभजन ने मुझे छक्का लगाया, तो मुझे मिडऑन से किसी ने आवाज दी कि बीमर गेंद फेंक. मैंने कहा कि यही गलती मैंने फैसलाबाद में धोनी के खिलाफ की थी, जब मैंने गुस्से में जानबूझकर बीमर गेंद डाली. धोनी शानदार खिलाड़ी हैं और मैं उनकी काफी इज्जत करता हूं. बाद में मुझे अपने बारे में बहुत बुरा लगा कि मैंने ऐसा क्यों किया? यदि वो बीमर धोनी को लग जाता तो 2005-06 में ही धोनी का 3-5 हो जाता.' 

दरअसल, बीमर वैसी गेंद को कहते हैं जो बिना टप्पा खाए बल्लेबाज की कमर से ऊपर की ऊंचाई से गुजरती है. इस तरह की गेंद बेहद खतरनाक होती है और बल्लेबाज़ के सिर में जाकर लग सकती है.

तीन चौके खाने पर अख्तर ने की ये हरकत

उस टेस्ट मुकाबले में एमएस धोनी ने 127वें ओवर में अख्तर को तीन चौके जमा दिए थे. इससे आगबबूला होकर शोएब अख्तर ने फिर धोनी को बीमर गेंद डाली. सौभाग्य से यह गेंद विकेट से काफी बाहर रही और भारतीय टीम को नो बॉल समेत कुल 5 रन मिल गए. धोनी ने 153 गेंदों पर 148 रनों की शानदार पारी खेली थी, जिसमें 19 चौके और 4 छक्के शामिल रहे. धोनी के सुनहरे टेस्ट करियर का यह पहला शतक रहा था. 

धोनी की शतकीय पारी के बावजूद वह टेस्ट मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ था. पाकिस्तान के 588 रनों के जवाब में भारत ने अपनी पहली पारी में 603 रन बनाए थे. धोनी के अलावा कप्तान राहुल द्रविड़ (103), वीवीएस लक्ष्मण (90) और इरफान पठान (90) ने भी शानदार योगदान दिया था. इसके बाद पाक टीम ने 490/8 पर अपनी दूसरी पारी घोषित की. ऐसे में भारत को जीत के लिए 476 रनों का लक्ष्य मिला था,  लेकिन खेल खत्म होने के समय टीम इंडिया बिना कोई विकेट गंवाए 21 रन ही बना पाई.

'टेस्ट क्रिकेट को भारत बचा सकता है'

अख्तर ने बताया, 'आज गोरों पर नहीं, भारत पर टेस्ट क्रिकेट बचाने की जिम्मेदारी है. मैं दबी जुबान में यह नहीं कह रहा हूं. आज टेस्ट क्रिकेट को भारत बचा सकता है, हम नहीं. जिन्होंने दस हजार रन बनाए हैं, वह महान हैं. किसे खुशी नहीं होगी कि उसका बच्चा 100 करोड़ कमाए. किसको खुशी नहीं होगी कि सुरेश रैना पैसे कमाएं. लेकिन आईसीसी की सबसे बड़ी जिम्मेदारी टेस्ट क्रिकेट बचाने पर होनी चाहिए.'

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें