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ICC ने कहा, ‘अंपायर्स कॉल’ जारी रहेगी, इन 3 नियमों में किए मामूली बदलाव

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के बोर्ड ने फैसला किया कि विवादास्पद ‘अंपायर्स कॉल’ अंपायरों के फैसले की समीक्षा प्रणाली (DRS) का हिस्सा बनी रहेगी, लेकिन मौजूदा डीआरएस नियमों में कुछ बदलाव लागू किए.

The ICC Cricket Committee ruled that 'umpire's call' will remain in the game. File/PTI) The ICC Cricket Committee ruled that 'umpire's call' will remain in the game. File/PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ‘अंपायर्स कॉल’ अंपायरों के फैसले की समीक्षा प्रणाली का हिस्सा बनी रहेगी
  • लेकिन मौजूदा डीआरएस नियमों में कुछ बदलाव लागू किए गए
  • कोहली ने ‘अंपायर्स कॉल’ को ‘भ्रमित’ करने वाला करार दिया था

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के बोर्ड ने फैसला किया कि विवादास्पद ‘अंपायर्स कॉल’ अंपायरों के फैसले की समीक्षा प्रणाली (DRS) का हिस्सा बनी रहेगी, लेकिन मौजूदा डीआरएस नियमों में कुछ बदलाव लागू किए. भारतीय कप्तान विराट कोहली ने अंपायर्स कॉल को ‘भ्रमित’ करने वाला करार दिया था और पिछले कुछ समय से यह विवाद का विषय रहा है.

मौजूदा नियमों के अनुसार अगर अंपायर के नॉट आउट के फैसले को चुनौती दी जाती है, जो उसे बदलने के लिए गेंद का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा कम से कम एक स्टंप से टकराना चाहिए. ऐसी नहीं होने की स्थिति में बल्लेबाज नॉट आउट ही रहता है. 

संचालन संस्था द्वारा बोर्ड बैठक खत्म होने के बाद जारी बयान में आईसीसी की क्रिकेट समिति के प्रमुख और पूर्व भारतीय कप्तान अनिल कुंबले ने कहा, ‘अंपायर्स कॉल को लेकर क्रिकेट समिति में शानदार चर्चा हुई और इसके इस्तेमाल का विस्तृत आकलन किया गया.’

उन्होंने कहा, ‘डीआरएस का सिद्धांत यह है कि मैच के दौरान स्पष्ट गलतियों को दूर किया जा सके, जबकि यह भी सुनिश्चित हो कि मैदान पर फैसले करने वालों के रूप में अंपायरों की भूमिका बनी रहे. अंपायर्स कॉल से ऐसा होता है और यही कारण है कि यह महत्वपूर्ण है कि यह बरकरार रहे.’ 

कोहली का कहना था कि अगर गेंद का थोड़ा हिस्सा भी स्टंप से टकरा रहा है, तो बल्लेबाज को आउट दिया जाए. आईसीसी ने हालांकि डीआरएस और तीसरे अंपायर्स से जुड़े नियमों में तीन मामूली बदलाव किए.

आईसीसी ने बयान में कहा, ‘एलबीडब्ल्यू के रिव्यू के लिए विकेट जोन की ऊंचाई को बढ़ाकर स्टंप के शीर्ष तक कर दिया गया है.’ इसका मतलब हुआ कि अब रिव्यू लेने पर बेल्स के ऊपर तक की ऊंचाई पर गौर किया जाएगा, जबकि पहले बेल्स के निचले हिस्से तक की ऊंचाई पर गौर किया जाता था. इससे विकेट जोन की ऊंचाई बढ़ जाएगी. 

एलबीडब्ल्यू के फैसले की समीक्षा पर निर्णय लेने से पहले खिलाड़ी अंपायर से पूछ पाएगा कि गेंद को खेलने का वास्तविक प्रयास किया गया था या नहीं.

बयान में कहा गया, ‘तीसरे अंपायर शॉर्ट रन की स्थिति में रीप्ले में इसकी समीक्षा कर पाएगा और अगर कोई गलती होती है, तो अगली गेंद फेंके जाने से पहले इसे सही करेगा.’ साथ ही फैसला किया गया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट बहाल करने के लिए 2020 में लागू किए गए अंतरिम कोविड-19 नियम जारी रहेंगे.

आईसीसी ने विज्ञप्ति में कहा, ‘समिति ने पिछले नौ महीने में घरेलू अंपायरों के शानदार प्रदर्शन पर गौर किया है, लेकिन जहां भी हालात के कारण संभव हो वहां तटस्थ एलीट पैनल अंपायरों की नियुक्ति को प्रोत्साहन दिया है.’


 

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