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IPL स्पॉट फिक्सिंग मामले में श्रीनिवासन को क्लीनचिट, राज कुंद्रा फिक्सिंग में शामिल

IPL स्पॉट फिक्सिंग मामले में मुद्गल कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट पेश की है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई के पूर्व अध्‍यक्ष एन. श्रीनिवासन IPL स्‍पॉट फिक्‍सिंग मामले में शामिल नहीं थे. हालांकि श्रीनिवासन के दामाद मयप्‍पन को सट्टेबाजों के संपर्क में रहने की बात रिपोर्ट में कही गई.

एन श्रीनिवासन (फाइल फोटो) एन श्रीनिवासन (फाइल फोटो)

IPL स्पॉट फिक्सिंग मामले में मुद्गल कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट पेश की है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई के पूर्व अध्‍यक्ष एन. श्रीनिवासन IPL स्‍पॉट फिक्‍सिंग मामले में शामिल नहीं थे. हालांकि श्रीनिवासन के दामाद मयप्‍पन को सट्टेबाजों के संपर्क में रहने की बात रिपोर्ट में कही गई.

मुद्गगल कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक, शिल्‍पा शेट्टी के पति और आईपीएल टीम राजस्‍थान रॉयल के मालिक राज कुंद्रा सट्टेबाजों के संपर्क में थे. मुद्गल कमेटी की जांच में यह साबित हुआ है कि मयप्पन सट्टेबाजी और स्टैंड्स से जानकारी पहुंचाने का काम किया करते थे. हालांकि रिपोर्ट में मयप्पन के खिलाफ सबूत न होने की बात कही गई. रिपोर्ट में खिलाड़ियों पर कार्रवाई नहीं करने की बात कही गई.

मुद्गल कमेटी में राज कुंद्रा के खिलाफ कमेटी ने दूसरे पहलुओं पर जांच करने की बात कही. फिक्सिंग मामले में खुलासा होने से क्रिकेट जगत में हड़कंप मचा हुआ है. बीसीसीआई की सालाना आम बैठक 28 नवंबर को होनी थी लेकिन बोर्ड ने अब इसे चार हफ्ते के लिए टालने का फैसला किया है. कोर्ट ने कहा कि बीसीसीआई के चुनाव पर कोई पाबंदी नहीं लगाई जाएगी. लेकिन सलाह दी कि बीसीसीआई फैसले के बाद ही चुनाव करें. स्पॉट फिक्सिंग मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में मुद्गल कमेटी की रिपोर्ट पर सुनवाई होनी थी. लेकिन कोर्ट ने इसे स्थगित करते हुए सुनवाई के लिए शुक्रवार का दिन तय किया था. कोर्ट ने कहा था कि उसने पूरी रिपोर्ट नहीं पढ़ी है और उसे इसे पढ़ने के लिए थोड़ा और समय चाहिए.

वरिष्ठ वकील राजू रामचंद्रन ने मुद्गल कमेटी की ओर से 3 नवंबर को एक सीलबंद लिफाफे में कोर्ट को रिपोर्ट सौंपी थी. जज टीएस ठाकुर की बेंच को सौंपे गई रिपोर्ट में गोपनीयता बनाए रखने की बात कही गई थी. मामले में अक्टूबर 2013 में जज एके पटनायक ने कमेटी को जांच के लिए नियुक्त किया था. पटनायक 2 जून को रिटायर हो गए हैं. आईपीएल के नियमों के मुताबिक, अगर किसी भी टीम से जुड़ा अधिकारी गलत हरकतों में लिप्त पाया जाता है तो उसकी फ्रेंचाइजी बर्खास्त कर दी जाएगी. राजस्थान रॉयल्स के साथ भी कुछ ऐसा ही है.

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