इंग्लैंड में भारतीय फुटबॉल को नई पहचान दिलाने वाली अदिति चौहान की वीजा की समस्या जल्द हल हो सकती है. सूचना प्रसारण राज्यमंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ ने विदेश मंत्रालय से मामले में तुरंत संज्ञान लेने को कहा है. एक ट्वीट के जरिये राठौड़ का ध्यान इस ओर खींचा गया था कि अदिति बीते चार महीने से विदेश मंत्रालय से अपना वीजा बढ़वाने की अपील कर रही हैं, पर अब तक कुछ नहीं हुआ. उनका वीजा 29 जनवरी को खत्म हो रहा है. अब राठौड़ ने इस मामले में पहल की है.
अदिति की वीजा प्रॉब्लम के सिलसिले में राठौड़ से ट्विटर पर मदद मांगी गई थी.
Sir Thanks for the reply of Our Query about . Sir can you please help she is facing some visa issue.
— Suraj Pandey (@Uploding)
कर्नल राठौड़ ने तुरंत इनबॉक्स में मैसेज कर मामले की पूरी जानकारी मांगी.
Welcome.
Dear please help with Visa for , she is an internat'l footballer .
— Rajyavardhan Rathore (@Ra_THORe)
दरअसल, इंग्लिश क्लब वेस्ट हैम यूनाइटेड लेडीज के लिए खेलने वाली पहली भारतीय फुटबॉलर बनी अदिति चौहान जो कि साल 2015 की एशियन फुटबॉलर ऑफ द ईयर भी हैं, का स्टूडेंट वीजा 29 जनवरी को समाप्त हो रहा है. यानी कि इस अवॉर्ड को जीतने के बाद भी वेस्ट हैम यूनाइटेड की इस गोलकीपर के सामने खड़ा संकट कम नहीं हुआ है. पढ़ाई के लिए स्टूडेंट वीजा पर यूके गई अदिति का वीजा एक्सपायर होने के बाद वेस्ट हैम लेडीज के लिए खेलना तो दूर यूके में रह भी नहीं पाएंगी.

अपने प्रदर्शन से अक्सर सुर्खियों में रहने वाली इस गोलकीपर को पिछले कुछ महीनों से अपना भविष्य अधर में दिखाई दे रहा था. अदिति को ये भी नहीं पता था कि वो यूके में अपना पहला सीजन पूरा कर पाएगी या नहीं लेकिन अब अदिति को उम्मीद की एक किरण दिखाई दे रही है. दरअसल अदिति का क्लब वेस्ट हैम ना तो उसे वीजा के संबंध में कोई मदद दे सकता है और ना ही उसके खेल के बदले में उसे किसी तरह का कोई भुगतान कर सकता है. FA के नियमों के मुताबिक थर्ड टियर का इंग्लिश वीमेंस क्लब अपने प्लेयर्स को किसी भी तरह से पेमेंट नहीं कर सकता. अदिति के परिवार ने अदिति के वीजा के लिए विदेश मंत्रालय को लिखा था लेकिन मंत्रालय की तरफ से इस मामले पर अभी तक कोई जवाब नहीं आया है. इस बारे में केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से भी ट्विटर के जरिए संपर्क करने की कोशिश की गई थी लेकिन कोई जवाब नहीं मिला था.
Mam, Please Help to get her work visa.
— Suraj Pandey (@Uploding)
हालांकि अदिति के पापा अभय वीर चौहान अदिति का वीजा स्पॉन्सर करने के लिए भी तैयार हैं लेकिन FA के नियम उन्हें ऐसा करने की इजाजत नहीं देते.
अदिति की परेशानियां देखकर उसके भाई आदित्य ने भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) की संस्थापक कंपनी की मालकिन नीता अंबानी से उसकी मदद मांगने के लिए . इस कैंपेन के समर्थन में अब तक 11 हजार से भी ज्यादा लोग आ चुके हैं. इन लोगों की मांग है कि भारतीय सरकार अदिति को वर्क वीजा दिलाने में मदद करे जिससे वो वेस्ट हैम यूनाइटेड लेडीज के लिए अपना सीजन खत्म कर सके. इसके साथ ही वो अदिति के लिए आर्थिक मदद भी चाहते हैं. हमने सबसे पहले इस सिलसिले में खबर भी प्रकाशित की थी. अब कर्नल राठौड़ द्वारा इस मामले का संज्ञान लिए जाने के बाद अदिति की ये समस्या जल्द ही दूर होती दिख रही है.
