भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सीरीज का तीसरा टेस्ट मैच रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है. चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी में 3 विकेट खोकर 75 रन बनाए. इस तरह ऑस्ट्रेलिया अभी भी भारत से 16 रन पीछे है. यानी, मैच में रोमांच अभी बाकी है...
मैच के चौथे दिन भारतीय टीम की पहली पारी 499 रनों के स्कोर पर ऑल आउट हो गई. इस तरह भारत को 91 रनों की बढ़त मिली. विराट कोहली 67 रन बनाकर नाबाद रहे.
भारत ने बनाया दबाव, बैकफुट पर मेहमान टीम
भारतीय पारी को समेटने के बाद बल्लेबाजी करने उतरी मेहमान टीम को तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने शुरुआती झटके दिए. 2 रन के कुल योग पर डेविड वार्नर (2) विकेट के पीछे लपके गए. इसके बाद 35 रनों के कुल योग पर ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में बढ़िया बल्लेबाजी करने वाले एड कोवान के रूप में दूसरा झटका लगा. कोवान ने 8 रन बनाए.
कोवान के आउट होने पर बल्लेबाजी करने आए स्टीव स्मिथ भुवनेश्वर की बाहर जाती गेंद पर गच्चा खा गए और 5 रन बनाकर क्लीन बोल्ड हो गए.
भुवनेश्वर कुमार ने दिखाया कमाल
इसके बाद फिल ह्यूज ने नाइटवॉचमैन नेथन लियोन के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 20 रनों की अविजित साझेदारी की. दिन का खेल खत्म होने तक पिछले दो मैचों में असफल रहे ह्यूज 53 और लियोन 4 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं. खास बात यह रही कि भारत के लिए तीनों ही विकेट नवोदित गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने हासिल किए.
इससे पहले, लंच के बाद भारतीय टीम ने तीन विकेट के नुकसान पर 384 रनों से आगे खेलना शुरू किया. मुरली विजय और कोहली ने टीम के स्कोर को 400 के पार पहुंचाया. इस बीच विजय ने अपने 150 रन भी पूरे किए. 412 रनों के कुल योग पर मेजबान टीम को विजय (153) के रूप में चौथा झटका लगा. मुरली स्टार्क की एक अंदर आती गेंद को ठीक से पढ़ नहीं पाए और पगबाधा हो गए. विजय ने अपनी पारी के दौरान 317 गेंदों का सामना करते हुए 19 चौके और तीन छक्के जड़े.
शिखर धवन का पहले टेस्ट सबसे तेज शतक का वर्ल्ड रिकॉर्ड
उनके आउट होने पर बल्लेबाजी करने आए भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने हालांकि चौका लगाकर अपना खाता खोला लेकिन इसके तुरंत बाद ही वह भी स्टार्क की एक गेंद पर पगबाधा हो गए. धोनी ने केवल 4 रन बनाए. 427 रनों के कुल योग पर रवींद्र जडेजा (8 रन) के रूप में भारत को छठा झटका लगा. इसके बाद पीटर सिडल ने भारत को 431 रनों के कुल योग पर एक और झटका दिया. रविचंद्रन अश्विन चार रन बनाकर चलते बने.
इसके बाद कोहली ने भुवनेश्वर कुमार के साथ मिलकर 48 रनों की नाबाद साझेदारी की. दोनों ने भारत के स्कोर को 450 रनों के पार पहुंचाया. इसके बाद कोहली ने अपना अर्धशतक भी पूरा किया.
इससे पहले, भारत के लिए दिन की शुरुआत अच्छी नहीं रही. सबको यह उम्मीद थी कि धवन अपने करियर के पहले ही मैच में दोहरा शतक पूरा करेंगे और एक कीर्तिमान बनाएंगे लेकिन धवन अपने शनिवार के स्कोर में दो रन जोड़कर नेथन लियोन की गेंद पर एड कोवान के हाथों लपके गए.
धवन ने अपनी 174 गेंदों की पारी में 33 चौके और दो छक्के लगाए. रविवार को धवन अगर एक और चौका लगाने में सफल रहते तो वह पर्दापण मैच में सर्वाधिक चौके लगाने वाले खिलाड़ी बन जाते.
शिखर पर धवन, हैरत में दुनिया
धवन ने अपनी 174 गेंदों की पारी में 33 चौके और दो छक्के लगाए. रविवार को धवन अगर एक और चौका लगाने में सफल रहते तो वह पर्दापण मैच में सर्वाधिक चौके लगाने वाले खिलाड़ी बन जाते.
धवन का विकेट 289 रनों के कुल योग पर गिरा. इसके बाद चेतेश्वर पुजारा विकेट पर मुरली विजय का साथ देने आए. पुजारा संयम के साथ विकेट पर जमने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन पीटर सिडल की एक गेंद के बल्ले से टकराकर पैड पर लगने के बाद अम्पायर गलती कर बैठे और पुजारा को पगबाधा आउट करार दिया.
पुजारा का विकेट 292 के कुल योग पर गिरा. पुजारा इस फैसले से काफी नाराज नजर आए. इसके बाद मुरली ने सचिन की मौजूदगी में अपने करियर का तीसरा और इस श्रृंखला का दूसरा शतक पूरा किया. दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 92 रनों की साझेदारी निभाई.
सचिन भोजनकाल से ठीक पहले स्टीवन स्मिथ द्वारा फेंके गए भारतीय पारी के 95वें ओवर की पहली गेंद पर 37 रनों निजी योग पर कैच आउट होकर पवेलियन लौटे. सचिन ने 81 गेंदों का सामना करते हुए पांच चौके लगाए जबकि मुरली ने 298 गेंदों पर 17 चौके और तीन छक्के लगाए हैं. यह विजय के करियर का तीसरा शतक है.
इससे पहले, तीसरे दिन शनिवार का खेल खत्म होने तक भारत ने बिना कोई विकेट गंवाए 283 रन बनाए थे. धवन 185 और मुरली 83 रनों पर नाबाद लौटे थे. मुरली और धवन ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत के लिए पहले विकेट के लिए अब तक की सबसे बड़ी साझेदारी को अंजाम दिया था.