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'बिग बॉस' के अनाड़ियों जैसे बन गए क्रिकेट के ये दिग्गज खिलाड़ी!

किसी वक्त मैदान में धूम मचाने वाले भारतीय क्रिकेट के सितारे क्या इस खेल के मेंटर बनने की भूमिका में आ गए हैं? नहीं! बल्कि वो इस तरह हरकतें कर रहे हैं, जैसे किसी रियल्टी टीवी शो के चुगलखोर और हमेशा लड़ने के लिए तैयार सेलेब्रिटी हों.

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सचिन तेंदुलकर सचिन तेंदुलकर

किसी वक्त मैदान में धूम मचाने वाले भारतीय क्रिकेट के सितारे क्या इस खेल के मेंटर बनने की भूमिका में आ गए हैं? नहीं! बल्कि वो इस तरह हरकतें कर रहे हैं, जैसे किसी रियल्टी टीवी शो के चुगलखोर और हमेशा लड़ने के लिए तैयार सेलेब्रिटी हों.

इस रियल्टी शो में सबसे पहला नाम है उस शख्स का, जिसके खेल ने उसे भगवान का दर्जा दिलाया. लेकिन अपनी किताब में ग्रेग चैपल पर कीचड़ उछालकर उन्होंने आसमां जितने ऊंचे अपने कद को ही नुकसान पहुंचाया.

निशाने पर आए ग्रेग चैपल भारतीय खिलाड़ियों के पहले से काफी नापसंद किए जाने वाले कोच रहे हैं और जब सचिन ने उन पर हमला बोला, तो उन्होंने जवाब दिया कि कप्तानी के मुद्दे पर कभी उनकी कोई बात ही नहीं हुई. इस शो में शामिल अगले खिलाड़ी का नाम है सौरव गांगुली, जो कभी टीशर्ट उतारकर लहराया करते थे. ग्रेग उनके पुराने दुश्मन है और सचिन की किताब ने उन्हें बदला लेने का नया मौका दे दिया है.

इस शो में अगर कोई एक समझदार आदमी दिख रहा है, तो वो हैं राहुल द्रविड़. जेंटलमैन क्रिकेट का यह जेंटलमैन वाकई अपने सिर में गजब की ठंडक लिए घूमता है. लेकिन वो भी गांगुली की इस बात से खफा बताए जाते हैं, जिसमें उन्होंने कहा कि चैपल के हद से गुज़रने के पीछे द्रविड़ की ढील थी.

अगला नाम है हरभजन सिंह, जो हमेशा से सचिन के दाएं हाथ माने जाते हैं. चैपल को अपना दुश्मन नंबर एक मानने वाले भज्जी सचिन की किताब से काफी खुश हैं और उनका दावा है कि वो चैपल के बीसीसीआई को भेजे उन मेल के बारे में भी जानते हैं, जिसमें गांगुली की बुराई की जाती थी.

वीवीएस लक्ष्मण के बाथरूम में ग्रेग चैपल का पोस्टर हुआ करता था, लेकिन जब वो असलियत में उनकी जिंदगी में आए, तो कहानी बदल गई. यह रिश्ता चल नहीं पाया, क्योंकि ग्रेग ने लक्ष्मण के क्रम से छेड़छाड़ की. और अब ग्रेग उनकी नजर में भी एक विलेन हैं आम तौर पर विवादों से खुद को दूर रखने वाले तेज गेंदबाज जहीर खान भी इस मामले में पीछे नहीं रहे. उन्होंने भी पुरोन मुद्दों को उछालकर जो भी कह सकते थे, सब कहा.

हमारा मानना है कि क्रिकेट के खिलाड़ियों को सारी बातें बल्ले या गेंद से कहनी चाहिए. खास तौर से पुराने विवादों को तब नहीं उठाना चाहिए, जब आप मैदान से दूरी बना चुके हैं. और अगर सचिन समेत तमाम खिलाड़ियों को ग्रेग से इतनी परेशानी थी, तो उस वक्त सामने क्यों नहीं रखी गई, जब यह सारा मामला चल रहा था. क्रिकेट और टीम, दोनों के लिए यह ज्‍़यादा सकारात्मक और रचनात्मक होता. हम क्रिकेट के जेंटलमैन देखना चाहते हैं, वरना गुस्से में लाल-पीले चेहरे तो हमें बिग बॉस में भी दिख जाते हैं!

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