अगर आपको भारत के किसी स्टेडियम में सुपरस्टार डेविड बेकहम का खेल देखने का मौका मिले तो आप कितना खर्च कर सकते हैं? 100 रुपये? 500 रुपये, 1000 या इससे भी ज्यादा? लेकिन खबर है कि इंग्लैंड के इस पूर्व कप्तान को भारत में खिलाने के लिए एक मिलियन पाउंड्स यानी लगभग 8 करोड़ 68 लाख रुपये खर्च किये जा सकते हैं, वो भी सिर्फ 2 महीने के खेल के लिए.
जी हां, यदि बेकहम के चाहने वालों की किस्मत अच्छी निकली तो आप अपने इस चहेते फुटबॉल खिलाड़ी को दिल्ली के अम्बेडकर स्टेडियम या कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में सुनील छेत्री और गुरमंगी सिंह के साथ खेलता देख सकते हैं. खबर है कि अखिल भारतीय फुटबॉल संघ आईपीएल जैसी ही एक फुटबॉल लीग शुरू करने की योजना बना रहा है, जिसके अगले साल जनवरी से मार्च में होने की संभावना है. इस प्रतियोगिता में 8 टीमें और प्रत्येक टीम में 25 खिलाड़ी हो सकते हैं.
वैसे आपको बता दें कि 38 वर्षीय इस करिश्माई खिलाड़ी ने पिछले महीने ही फ्रेंच लीग में मिली जीत के बाद खेल को अलविदा कह दिया था, तो ये देखना रोचक होगा कि बेकहम का हिंदी प्रेम उन्हें भारत के मैदानों तक खींच लाता है या नहीं? जो लोग उनके हिंदी प्रेम के बारे में नहीं जानते उन्हें बता दें कि बेकहम ने अपने पत्नी विक्टोरिया और बच्चों के नाम अपने शरीर पर हिंदी में गुदवा रखे हैं.
खबर ये भी है कि बेकहम के ही पूर्व राष्ट्रीय टीम-मेट माइकल ओवन और स्पेन के स्टार रॉल गोंजालिज भी फुटबॉल संघ के रडार पर हैं. भारत के फुटबॉल प्रेमियों को इन दोनों से ज्यादा बेकहम के आने के लिए काफी दुआएं करनी होंगी, क्योंकि खबर ये भी है कि बेकहम को हॉलीवुड से फिल्मों के ऑफर मिल रहे हैं और हॉलीवुड के ही प्रख्यात अभिनेता ब्रैड पिट ने मंशा जाहिर की है कि बैक्स उनके बच्चों को फुटबॉल सिखाएं. वैसे बेकहम की खुद की दिलचस्पी अमेरीका में ही एक फुटबॉल क्लब खरीदने में ज्यादा है. अब देखना होगा कि क्या कोई भारतीय क्लब उन्हें मनाकर भारतीयों को उनकी जादुई फ्री-किक्स का करिश्मा दिखा पाता है या नहीं?