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ऑस्ट्रेलिया ने तीसरी बार हॉकी वर्ल्ड कप अपने नाम किया

मौजूदा चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया ने रविवार को नीदरलैंड्स के क्योसेरा स्टेडियम में हुए एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप-2014 के फाइनल मुकाबले में मेजबान नीदरलैंड्स को 6-1 से करारी मात देकर अपनी बादशाहत बरकरार रखी. ऑस्ट्रेलिया ने लगातार चौथी बार हॉकी वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में खेलते हुए तीसरी बार हॉकी वर्ल्ड कप खिताब पर कब्जा जमाया.

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ट्रॉफी को चूमते ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मार्क नोल्स ट्रॉफी को चूमते ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मार्क नोल्स

मौजूदा चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया ने रविवार को नीदरलैंड्स के क्योसेरा स्टेडियम में हुए एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप-2014 के फाइनल मुकाबले में मेजबान नीदरलैंड्स को 6-1 से करारी मात देकर अपनी बादशाहत बरकरार रखी. ऑस्ट्रेलिया ने लगातार चौथी बार हॉकी वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में खेलते हुए तीसरी बार हॉकी वर्ल्ड कप खिताब पर कब्जा जमाया.

इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया वर्ल्ड कप के इतिहास में खिताब का बचाव करने वाली तीसरी टीम बन गई. इससे पहले पाकिस्तान 1982 में तथा जर्मनी 2006 में खिताब का बचाव करने में कामयाब रहे थे.

नीदरलैंड्स ने तेज शुरुआत करते हुए 14वें मिनट में गोल कर 1-0 की बढ़त बना ली, लेकिन इसके बाद ऑस्ट्रेलिया की तेज तर्रार टीम के आगे वे बेबस नजर आए और दूसरा गोल नहीं कर सके. नीदरलैंड्स के लिए यह गोल जेरोन हर्टजबर्ग ने फील्ड गोल के जरिए किया. नीदरलैंड्स यह बढ़त सिर्फ छह मिनट तक कायम रख सका. मैच के 20वें मिनट में मिले पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील कर सिरिएलो ने ऑस्ट्रेलिया को 1-1 की बराबरी पर ला दिया. इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम ने आक्रमण को तेज करते हुए नीदरलैंड्स पर दनादन गोलों की जैसे वर्षा कर दी. क्लेरान गोवर्स ने 24वें मिनट में फील्ड गोल के जरिए ऑस्ट्रेलिया को 2-1 की बढ़त दिला दी, जिसे ग्लेन टर्नर ने 37वें मिनट में 3-1 कर दिया.

ऑस्ट्रेलिया के लिए पहला गोल करने वाले सिरिएलो ने इसके बाद 47वें और 53वें मिनट में लगातार दो और गोल किए तथा ऑस्ट्रेलिया की बढ़त को 5-1 तक पहुंचा दिया. सिरिएलो ने यह दोनों गोल भी पेनाल्टी कॉर्नर के जरिए किए. दोनों टीमों को पांच-पांच पेनाल्टी कॉर्नर मिले. ऑस्ट्रेलिया इनमें तीन को जहां गोल में तब्दील करने में कामयाब रहा, वहीं नीदरलैंड्स एक भी पेनाल्टी कॉर्नर का फायदा नहीं उठा सका. ऑस्ट्रेलियाई टीम की आक्रामकता को इसी से समझा जा सकता है कि उन्होंने नीदरलैंड्स के डी एरिया तक 17 बार चढ़ाई करने में कामयाबी हासिल की, जबकि नीदरलैंड्स सिर्फ तीन बार ही ऐसा कर सका.

मैच का आखिरी गोल जेमी डावर ने 64वें मिनट में किया. यह एक फील्ड गोल था. पांच बार एफआईएच प्लेयर ऑफ ईयर रह चुके डावर ने इस गोल के साथ ही अपने अंतर्राष्ट्रीय गोलों की संख्या 321 पहुंचा दी. खिताबी मुकाबले में हैट्रिक लगाने वाले क्रिस सिरिएलो ने मैच के बाद कहा, ‘हमारी टीम ने आज वास्तव में बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया. खिताबी जीत में अपनी टीम के लिए मैदान पर आखिर समय तक रहना मेरे लिए सौभाग्य की बात रही.’

टूर्नामेंट में बेस्ट प्लेयर रहे ऑस्ट्रेलियाई कप्तान
ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान मार्क नोल्स को राबोबैंक प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया, जबकि युवा ऑस्ट्रेलियाई जेरेमी हेवार्ड को हीरो जूनियर प्लेयर अवार्ड से नवाजा गया. टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर का अवार्ड हालांकि नीदरलैंड्स के जाप स्टॉकमैन को मिला, जबकि टूर्नामेंट में सर्वाधिक गोल करने का अवार्ड अर्जेटीना के गोंजालो पेइलाट को मिला. सबसे आकर्षक गोल करने का अवार्ड बेल्जियम के सेबास्टिन डॉकियर को मिला.

पाकिस्तान के नाम है सबसे ज्यादा खिताबी जीत का रिकार्ड
ऑस्ट्रेलिया सर्वाधिक वर्ल्ड कप जीतने के मामले में नीदरलैंड्स के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गया. हॉकी वर्ल्ड कप में सर्वाधिक चार बार खिताबी जीत का रिकॉर्ड पाकिस्तान के नाम है. 1973 के बाद ऐसा पहली बार हुआ कि जर्मनी टूर्नामेंट में शीर्ष चार टीमों में भी जगह नहीं बना पाई. इंग्लैंड ने लगातार दूसरी बार चौथे स्थान के साथ टूर्नामेंट का समापन किया, जबकि अर्जेटीना ने चौंकाते हुए अपना सर्वोच्च प्रदर्शन कर तीसरा स्थान हासिल किया.

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