भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट रिश्तों की बहाली का स्वागत करते हुए क्रिकेटर से राजनीतिज्ञ बने इमरान खान ने कहा कि खेल के जरिये दोनों देशों के संबंधों को मजबूत बनाया जा सकता है.
उन्होंने साथ ही चेताया कि राजनीतिज्ञों की ‘गलत’ बयानबाजी के कारण इससे फायदे के बजाय अधिक नुकसान हो सकता है.
इमरान ने कहा, ‘जब राजनीतिज्ञों और सरकार के बीच माहौल सकारात्मक रहता है, जब आप करीब आने की कोशिश करते हैं तब क्रिकेट रिश्तों को जोड़ने में सीमेंट का काम करता है. यह स्वस्थ प्रतिस्पर्धा है और इससे लोगों की नजदीकियां बढ़ती हैं.’
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान ने हालांकि आगाह किया कि यदि राजनीतिज्ञ बैर भाव दिखायें और गलत बयानबाजी करें तो तब ‘क्रिकेट का मैदान वास्तव में जंग का मैदान बन जाता है. इससे वास्तव में कुछ अच्छा होने के बजाय अधिक नुकसान होता है.’
इमरान ने कहा, ‘अब सकारात्मक बदलाव हुए हैं और मुझे दोनों देशों के बीच क्रिकेट मैचों का इंतजार है.’
अपने जमाने के इस दिग्गज ऑलराउंडर ने कहा कि क्रिकेटिया रिश्ते शुरू होने से लोगों को आपसी संपर्क बनाने में मदद मिलेगी. भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने पाकिस्तान को दिसंबर-जनवरी में तीन एकदिवसीय और दो ट्वेंटी 20 मैच खेलने के लिये आमंत्रित किया है. यह पांच साल में दोनों देशों के बीच पहली द्विपक्षीय श्रृंखला होगी. शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने हालांकि पहले अपने कार्यकर्ताओं से कहा था कि वे देश में कहीं भी भारत और पाकिस्तान के बीच मैच नहीं होने दें.