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हम भी किसी से कम नहीं: संगकारा

भारत को विश्वकप का प्रबल दावेदार मानने के बावजूद श्रीलंकाई कप्तान कुमार संगकारा ने शनिवार को वानखड़े स्टेडियम पर होने वाले फाइनल से पहले अपने खिलाड़ियों को कमजोर आंकने से इनकार किया.

कुमार संगकारा कुमार संगकारा

भारत को विश्वकप का प्रबल दावेदार मानने के बावजूद श्रीलंकाई कप्तान कुमार संगकारा ने शनिवार को वानखड़े स्टेडियम पर होने वाले फाइनल से पहले अपने खिलाड़ियों को कमजोर आंकने से इनकार किया.

संगकारा ने कहा, ‘भारत बहुत अच्छी टीम है और हमेशा से खिताब की प्रबल दावेदार रही है. वे फाइनल में है और हर कोई उनसे खिताब की उम्मीद कर रहा है.’ उन्होंने कहा, ‘हम भी टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से रहे हैं. भारत फेवरिट है और उसके पास दुनिया का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजी क्रम है. दुनिया में हर किसी को उनसे जीत की उम्मीद होगी.’

उन्होंने कहा, ‘लेकिन मुझे नहीं लगता कि हमारी टीम कमजोर है. हमें यह समझना होगा कि पिछले दो साल से भारत खिताब का सबसे प्रबल दावेदार रहा है. हम भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे.’ अपने प्रमुख खिलाड़ियों मुथया मुरलीधरन और एंजेलो मैथ्यूज की चोट से जूझ रहे संगकारा ने उनका नाम लिये बगैर कहा कि उनकी उपलब्धता पर फैसला जल्‍द लिया जायेगा.

संगकारा ने कहा, ‘कुछ खिलाड़ियों को चोट लगी है. हमने कवर के तौर पर दूसरे खिलाडियों को बुला लिया है. जल्‍द ही इस पर फैसला किया जायेगा कि कौन मैच फिट है.’ दोनों घायल खिलाड़ियों की जगह चमिंडा वास और सूरज रणदीव को बुलाया गया है. {mospagebreak}

संगकारा ने क्यूरेटर सुधीर नाईक द्वारा तैयार की गई पिच पर भी प्रसन्नता जताई. संगकारा ने कहा, ‘विकेट शानदार लग रहा है. यहां के हालात श्रीलंका से अलग हैं. श्रीलंकाइ विकेट कड़े होते हैं. यहां विकेट पूरे मैच में टूटते नहीं है. हम हालात के अनुकूल खुद को ढाल लेंगे.’

उन्होंने उम्मीद जताई कि उनकी टीम पिछले विश्वकप फाइनल की गलती नहीं दोहरायेगी जब बारबाडोस में खेले गए मैच में ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट ने उनके गेंदबाजों की बखिया उधेड़ दी थी. उन्होंने कहा, ‘चार साल पहले एडम गिलक्रिस्ट ने हमें हरा दिया था. हम वैसा कुछ इस बार नहीं होने देंगे. यदि ऐसा होता भी है तो हम मानसिक रूप से खुद को ढालने और मैच में वापसी के लिये तैयार रहेंगे.’

श्रीलंकाई कप्तान ने कहा कि घरेलू मैदान पर नहीं खेलने के फायदे और नुकसान दोनों हैं. उन्होंने कहा, ‘अपने दर्शकों के सामने खेलने से रोमांच और गर्व महसूस होता है लेकिन इससे अपेक्षाओं का बोझ भी बढ़ता है. हम अपने मैदान पर खेलना पसंद करते लेकिन हम यहां भी खेलने के लिये पूरी तरह तैयार है. भारतीय दर्शक अच्छे क्रिकेट के कद्रदान हैं.’ सौवां अंतरराष्ट्रीय शतक पूरा करने की दहलीज पर खड़े सचिन तेंदुलकर के बारे में उन्होंने कहा कि उनका काम भारत को रन बनाने और विश्वकप जीतने से रोकना है.

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