इसी रणनीति के तहत टीम मैनेजमेंट कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल को एक साथ नहीं उतार रही है. अगर चहल को अपने जोड़ीदार कुलदीप यादव का साथ मिल जाए तो उनका प्रदर्शन और भी अच्छा हो जाता है. वहीं, ऐसे खिलाड़ी जिन्हें थोड़ी बल्लेबाजी और थोड़ी गेंदबाजी आए उनके भरोसे मैच जीतना मुश्किल है.