ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप 2015 के एक अहम मुकाबले में टीम इंडिया ने पाकिस्तान पर बड़ी जीत दर्ज की है. दोनों टीमें 1992 से लेकर 2015 तक वर्ल्ड कप में 6 बार भिड़ चुकी हैं. भारत ने वर्ल्ड कप में कभी पाकिस्तान को जीतने नहीं दिया है. आइए देखते हैं वर्ल्ड कप में भारत बनाम पाकिस्तान के महामुकाबले का इतिहास
भारत और पाकिस्तान वर्ल्ड कप शुरू होने के 17 सालों बाद इस टूर्नामेंट के पांचवें संस्करण में पहली बार एक दूसरे के सामने आए. भारतीय टीम ने सचिन तेंदुलकर की नाबाद 54 रनों की बदौलत इस मैच में पाकिस्तान के सामने 217 रनों का लक्ष्य रखा, जिसके जवाब में पूरी पाकिस्तान टीम 173 रनों पर सिमट गई.
इस मैच में एक रोचक घटना तब हुई जब किरण मोरे की बार बार की जाने वाली अपील से तंग आकर जावेद मियांदाद पिच पर उनकी तरह ही कूदने लगे.
भारतीय टीम को लगातार दूसरे वर्ल्ड कप में क्वार्टर फाइनल में पाकिस्तान से भिड़ना पड़ा. अपने घरेलू मैदान एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुए इस मैच में भारतीय टीम के लिए सलामी बल्लेबाज नवजोत सिंह सिद्धू ने 93 रनों की पारी खेलकर ठोस शुरुआत दिलाई, जिसे अजय जडेजा ने 45 रनों की अपनी आतिशी पारी से 287 के बड़े स्कोर में तब्दील कर दिया. इस मैच में पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज आमिर सोहेल और भारत के तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद के बीच छींटाकशी हुई थी.
वर्ल्ड कप 1999 में भारत 47 रनों से जीता था. पाकिस्तान के खिलाफ वर्ल्ड कप में यह भारत की तीसरी जीत थी.
पाकिस्तान इस मैच में 45.3 ओवरों में 180 रन बनाकर धराशायी हो गया था. भारत
के लिए वेंकटेश प्रसाद ने पांच और जवागल श्रीनाथ ने तीन विकेट चटकाए थे.
इस मैच में भी टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए छह विकेट पर 227 रनों
का स्कोर खड़ा किया, जिसमें सचिन (45) और राहुल द्रविड (61) के योगदान अहम
रहे.
वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ चौथी बार मैदान पर उतरी पाकिस्तान टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सईद अनवर (101) की शतकीय पारी की बदौलत 273 रनों का शानदार स्कोर खड़ा किया.
लेकिन भारतीय टीम ने सचिन तेंदुलकर (98) और विरेंद्र सहवाग (21) की बदौलत शानदार शुरुआत की. द्रविड़ (नाबाद 44) और युवराज सिंह (नाबाद 50) ने 26 गेंद बाकी रहते टीम को जीत दिला दी.
सचिन तेंदुलकर शतक से महज 2 रन से चूक गए थे. लेकिन भारत की जीत के सामने सेंचुरी से चूकना कोई गम नहीं था.
मैच के बाद कप्तान सौरव गांगुली ने पाकिस्तानी टीम से जाकर हाथ मिलाया.
मैच के बाद गांगुली ने युवराज सिंह और राहुल द्रविड़ को गले से लगा लिया था.
मोहाली में हुआ 2011 वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल तो हम सभी को याद ही है. इस मैच में भी तेंदुलकर टीम इंडिया के लिए संकटमोचक बनकर उभरे थे.
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 260 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया.
जिसके जवाब में पाकिस्तान टीम मिस्बाह उल हक (56) की संघर्षपूर्ण पारी के बावजूद 231 रनों पर ढेर हो गई. और इस तरह से भारत वर्ल्ड कप 2011 के फाइनल में पहुंचा था.
एडिलेड ओवल के मैदान पर वर्ल्ड कप 2015 के अपने पहले मुकाबले में विराट कोहली के 107 रन के दम पर भारत ने 300 रन बनाए. जिसके जवाब में पाकिस्तान मात्र 47 ओवर में 224 रन पर ढेर हो गया.
यह रनों के लिहाज से पाक के खिलाफ वर्ल्ड कप में अब तक की सबसे बड़ी जीत है. आपको बता दें कि मोहम्मद अजहरुद्दीन की कप्तानी में भारत ने तीन और महेंद्र सिंद धोनी की कप्तानी में दो बार जीते हैं.