महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने ग्लासगो के सेल्टिक पार्क में स्काटलैंड की संस्कृति और धरोहर की रंगारंग और भव्य प्रस्तुति पेश करने वाले कार्यक्रम में लगभग 35000 दर्शकों की मौजूदगी में 20वें कॉमनवेल्थ खेलों की आधिकारिक शुरुआत की घोषणा की. 11 दिन चलने वाली इस प्रतियोगिता के दौरान 71 देशों के 4500 से ज्यादा एथलीट 17 खेलों में चुनौती पेश करेंगे.
भारतीय दल की अगुआई ध्वजवाहक और ओलंपिक सिल्वर मेडल विजेता निशानेबाज विजय कुमार ने की. भारत 2010 में पिछले कॉमनवेल्थ खेलों का मेजबान होने के नाते टीमों की परेड में सबसे पहले आया. भारतीय पुरुष खिलाड़ी काले ब्लेजर और ग्रे ट्राउजर में नजर आए जबकि महिला खिलाड़ियों ने साड़ी पहन रखी थी.
ब्रिटेन के सर्वकालिक महान ओलंपियन साइकिलिस्ट स्काटलैंड के सर क्रिस हाय
को महारानी को क्वीन्स बेटन सौंपने का सम्मान मिला, जिसके बाद महारानी ने
अपना यह संदेश पढ़ा.
स्काटिश रेजीमेंट का पाइप बैंड स्टेडियम में पहुंचा और उनके साथ सुसान बायल ने अपनी प्रस्तुति दी, जबकि इसी दौरान नौ हॉक ‘रेड एरोज’ विमान ने शहर के ऊपर ‘वी’ आकार में फ्लाई पास्ट किया जो महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के आने का संकेत था.
महारानी एलिजाबेथ ने खिलाड़ियों से कहा, ‘कॉमनवेल्थ देशों के खिलाड़ियो, मैं आपको शुभकामनाएं देती हूं कि आप अपने प्रयासों में सफलता हासिल करें.’ उन्होंने कहा, ‘आप हमें याद दिलाते हो कि युवा लोग, जिनकी उम्र 25 साल से कम है, वे कॉमनवेल्थ नागरिकों का आधा हिस्सा हैं.
महारानी ने कहा, ‘मैं उन संगठनों और स्वयंसेवकों को धन्यवाद देती हूं जिन्होंने इस खेलों को मूर्त रूप देने में कड़ी मेहनत की और यहां स्टेडियम में मौजूद दर्शकों और टीवी पर देखने वाले लाखों दर्शकों को भी धन्यवाद देती हूं.’
लोच नेस मॉन्सटर, समुद्री जहाज बनाने के ग्लासगो के इतिहास और फोर्थ रेल पुल भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बना.
सेल्टिक पार्क के अंदर की गतिविधियों को मेहमानों और दर्शकों को यूरोप की सबसे बड़ी एलईडी स्क्रीन पर दिखाया गया. यह विशाल स्क्रीन स्टेडियम के लगभग पूरे दक्षिणी स्टैंड के बराबर थी. इसकी लंबाई लगभग 100 मीटर, ऊंचाई 11 मीटर और वजन 38 टन था. इस स्क्रीन की वजह से स्टेडियम में दर्शकों की क्षमता 40000 से घटकर 35000 रह गई.
लगभग तीन घंटे चले इस रंगारंग समारोह की शुरुआत स्काटलैंड के इतिहास की झलक के साथ हुई. स्टार वार्स के अभिनेता इवान मैकग्रेगर ने पहले ही रिकॉर्ड किए गए संदेश के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की, जिसके बाद ग्लासगो के कॉमेडियन केरेन डुंबर ने एक गाना और डांस पेश किया.
खचाखच भरे सेल्टिक स्टेडियम में बालीवुड का तड़का भी देखने को मिला जब
‘नगाड़ा नगाड़ा’ और ‘प्यार दो’ की धुन पर भारतीय टीम ने स्टेडियम में
प्रवेश किया.
रोड स्टीवर्ट ने सिंगर और सॉन्ग राइटर एमी मैकडोनाल्ड और ग्लासगो के सैकड़ों आम नागरिकों के साथ अपने गाने ‘रिदम आफ माई हार्ट’ पर परफॉर्म किया.
राजसी कार ने जब स्टेडियम में एंट्री की तो पाइप्स और ड्रम के साथ इसे गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. खिलाड़ियों ने इसके बाद स्टेडियम में एंट्री ली. हर टीम के आगे एक टेरियर कुत्ता चल रहा था, जिस पर टीम का नाम लिखा था.
कॉमनवेल्थ खेल महासंघ के ध्वज को जब स्टेडियम में लाया गया तो स्काटलैंड की वायलन वादिका निकोला बेनेडेटी ने शानदार प्रस्तुति दी. दक्षिण अफ्रीकी सिंगर पुमेजा सेंग ने गीत ‘फ्रीडम कम ऑल’ गाया. बिली कोनोली ने वीडियो के जरिए ग्लासगो से नेल्सन मंडेला के रिश्तों के बारे में बताया.
इस दौरान एक चूक भी हुई जब कॉमनवेल्थ खेल महासंघ के प्रमुख प्रिंस टुंकू इमरान बेटन से महारानी के संदेश को नहीं निकाल पाए. बाद में हालांकि संदेश को निकाला गया और महारानी ने आयोजन स्थल के रूप में ग्लासगो की उपयुक्तता की तारीफ की.