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Indian Hockey Team: पेरिस ओलंपिक से पहले धांसू फॉर्म में टीम इंडिया, वर्ल्ड चैम्पियन जर्मनी को दी करारी मात

भारतीय टीम ने शनिवार को एफआईएच प्रो हॉकी लीग में विश्व चैम्पियन जर्मनी को 3-0 से हराकर लंदन चरण में जीत से शुरुआत की. ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत, सुखजीत सिंह और गुरजंत सिंह ने जर्मनी की युवा टीम के खिलाफ गोल दागे.

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India thrash world champions Germany(@TheHockeyIndia)
India thrash world champions Germany(@TheHockeyIndia)

India thrash world champions Germany: हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने शनिवार को एफआईएच प्रो हॉकी लीग में विश्व चैम्पियन  जर्मनी को 3-0 से हराकर लंदन चरण में जीत से शुरुआत की. भारत ने जर्मनी की कमजोर रक्षापंक्ति का फायदा उठाते हुए यह सफलता हासिल की.

ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत (16वें मिनट), सुखजीत सिंह (41वें मिनट) और गुरजंत सिंह (44वें मिनट) ने जर्मनी की युवा टीम के खिलाफ गोल दागे. जर्मनी ने शानदार शुरुआत की, लेकिन अपनी लय बरकरार नहीं रख सकी. भारतीय टीम अब 8 जून को फिर से जर्मनी से भिड़ेगी, जिसके बाद उसका सामना 2 और 9 जून को ग्रेट ब्रिटेन से होगा.

विश्व की पांचवें नंबर की भारतीय टीम 13 मैचों में 24 अंक लेकर तीसरे स्थान पर बनी हुई है, जबकि अर्जेंटीना 14 मैचों में 26 अंक लेकर दूसरे स्थान पर है. भारत ने प्रो लीग के एंटवर्प चरण में अर्जेंटीना को दो बार हराया था. नीदरलैंड 12 मैचों में 26 अंक लेकर तालिका में शीर्ष पर है.

भारत के अनुभवी गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने पहले क्वार्टर में जर्मनी के लगातार हमलों को रोकते हुए दो पेनल्टी कॉर्नर को नाकाम कर दिया. दूसरे क्वार्टर के पहले ही मिनट में हरमनप्रीत ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर दुनिया की तीसरे नंबर की टीम को दबाव में ला दिया.

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भारतीय कप्तान ने 16वें मिनट में नीची फ्लिक जर्मनी के गोलकीपर एलेक्जेंडर स्टैडलर की ओर बढ़ाई जो बैरी एंथियस से डिफ्लेक्ट होकर गोल में चली गई.

इसके बाद सुखजीत ने 41वें मिनट में बढ़त दोगुनी कर दी. सुखजीत ने अभिषेक को पास दिया और सर्कल की ओर दौड़े. अभिषेक ने इसे सुखजीत को वापस दिया जिन्होंने जर्मनी के गोलकीपर को छकाते हुए शानदार शॉट लगाया.

इसके तीन मिनट बाद गुरजंत ने भारत के लिए तीसरा गोल दाग दिया. संजय ने गोल लाइन पर गेंद जरमनप्रीत सिंह की ओर बढ़ाई. इस डिफेंडर ने फिर गेंद को गुरजंत को वापस भेज दिया, जिन्होंने स्टैडलर को छकाते हुए गोल दागा.

जर्मनी की टीम दबाव में आ गई थी और उसने भारतीय रक्षापंक्ति को भेदने की पूरी कोशिश की. लेकिन श्रीजेश ने उन्हें इसमें सफलता हासिल नहीं करने दी.

लगभग चार महीने बाद प्रतिस्पर्धी हॉकी में वापसी कर रही जर्मनी ने एक दर्जन पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, लेकिन ये सभी बेकार रहे. श्रीजेश ने भी अपनी भूमिका बखूबी निभाई और पहले क्वार्टर में तीन प्रयासों को विफल किया जिसमें दो पेनल्टी कॉर्नर के थे.

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