इंडिया ओपन 2026 में धमाका तो हुआ, लेकिन बैकस्टेज ड्रामा भी कम नहीं रहा. डेनमार्क के वर्ल्ड नंबर 2 शटलर एंडर्स एंटोनसेन ने सोशल मीडिया पर खुलासा किया कि दिल्ली के बढ़ते प्रदूषण स्तर के कारण वह तीसरे साल लगातार इंडिया ओपन से बाहर हैं. एंटोनसेन ने बताया कि इतनी भयंकर हवा और प्रदूषण में बैडमिंटन खेलना उनके लिए संभव नहीं था. और तो और, टूर्नामेंट से बाहर होने पर बीडब्ल्यूएफ ने उन्हें 5000 डॉलर का जुर्माना भी थोप दिया.
एंटोनसेन का बयान मिया ब्लिचफेल्ड्ट के विवाद के एक दिन बाद आया. डेनमार्क की इस स्टार ने कहा कि दिल्ली में ट्रेनिंग के हालात बेहद खराब और गंदे हैं. उनके मुताबिक कोर्ट पर कबूतरों की गंदगी है... यह खिलाड़ियों की सेहत और प्रदर्शन पर असर डाल सकती है. मिया ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि उन्होंने पिछले साल की तुलना में कोई सुधार नहीं देखा.
हालांकि, बीएआई ने सफाई का बचाव करते हुए कहा कि मुख्य इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम पूरी तरह से साफ-सुथरा है और गंदगी सिर्फ केडी जाधव इंडोर हॉल जैसे ट्रेनिंग एरिया में थी. बीएआई के सचिव संजय मिश्रा ने कहा कि खिलाड़ी अपने व्यक्तिगत स्वास्थ्य संवेदनाओं को भी ध्यान में रखते हुए अपनी चिंता व्यक्त कर रहे हैं.
इस साल इंडिया ओपन पहली बार इंदिरा गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में हो रहा है, जो पिछले साल के छोटे हॉल की तुलना में काफी बड़ा और हाई-टेक है. लेकिन प्रदूषण, धूल और ठंडी ट्रेनिंग परिस्थितियों ने खिलाड़ियों की चिंता बढ़ा दी है.
दिल्ली की हवा और बैडमिंटन का यह टकराव एक बार फिर से साबित कर रहा है कि सिर्फ कोर्ट पर ही नहीं, बल्कि बैकस्टेज परिस्थितियों पर भी ध्यान देना होगा, खासकर तब जब वर्ल्ड चैम्पियनशिप जैसी बड़ी प्रतियोगिता का इंतजार हो.