
भारत ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (FIH) के वार्षिक पुरस्कारों में बुधवार को अपना दबदबा बनाया. पांच खिलाड़ियों तथा पुरुष और महिला टीमों के मुख्य कोच ने विभिन्न वर्गों में शीर्ष पुरस्कार हासिल किए. लेकिन पुरुष ओलंपिक चैम्पियन बेल्जियम ने पुरस्कारों पर सवाल उठाए हैं.
टोक्यो ओलंपिक खेलों में भारतीय पुरुष टीम के ऐतिहासिक कांस्य पदक तथा महिला टीम के बेजोड़ प्रदर्शन के कारण एफआईएच हॉकी स्टार्स पुरस्कार 2020-21 में भारतीय खिलाड़ियों और कोच का दबदबा रहा.
गुरजीत कौर (महिला) और हरमनप्रीत सिंह (पुरुष) ने अपने वर्गों में वर्ष का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी (प्लेयर ऑफ द ईयर) पुरस्कार हासिल किया.

सविता पूनिया (सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर, महिला), पीआर श्रीजेश (सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर, पुरुष), शर्मिला देवी (सर्वश्रेष्ठ उदीयमान स्टार, महिला) और विवेक प्रसाद (सर्वश्रेष्ठ उदीयमान स्टार, पुरुष) के साथ-साथ भारत की महिला टीम के कोच सोर्ड मारिन और पुरुष टीम के मुख्य कोच ग्राहम रीड भी सर्वाधिक मत पाकर शीर्ष पर रहे.
रीड अब भी टीम के साथ बने हुए हैं, जबकि मारिन का कार्यकाल टोक्यो खेलों के साथ ही समाप्त हो गया था.
राष्ट्रीय संघों के मतों को कुल परिणाम का 50 प्रतिशत माना गया. राष्ट्रीय संघों का प्रतिनिधित्व उनके संबंधित राष्ट्रीय कप्तानों और कोच ने किया. इसके अलावा प्रशंसकों और खिलाड़ियों (25 प्रतिशत) तथा मीडिया (25 प्रतिशत) के मतों के आधार पर अंतिम फैसला किया गया.
एफआईएच के बयान में बताया गया है कि कुल 79 राष्ट्रीय संघों ने मतदान में हिस्सा लिया. इनमें अफ्रीका के 25 सदस्यों में से 11, एशिया के 33 में से 29, यूरोप के 42 में से 19, ओसेनिया के आठ में से तीन तथा पैन अमेरिका के 30 में से 17 सदस्य शामिल हैं.
इसमें कहा गया है, ‘रिकार्ड 300,000 प्रशंसकों ने मतदान किया. एफआईएच हॉकी स्टार्स पुरस्कारों में प्रशंसकों की भागीदारी बेजोड़ रही.’
ओलंपिक चैम्पियन बेल्जियम ने उठाए सवाल
हॉकी बेल्जियम ने विजेताओं की घोषणा होने के बाद इस पर कड़ी प्रतिक्रिया की और पुरस्कारों की प्रक्रिया पर सवाल उठाए. टोक्यो खेलों के चैम्पियन को एक भी पुरस्कार नहीं मिला.
उसने ट्वीट किया, ‘हॉकी बेल्जियम एफआईएच हॉकी स्टार अवॉर्ड के परिणामों से बेहद निराश है. एक स्वर्ण पदक विजेता टीम जिसके सभी वर्गों में कई नामांकन थे, उसे एक भी पुरस्कार नहीं मिला जिससे मत प्रणाली की विफलता का पता चलता है. हम भविष्य में एक निष्पक्ष प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए एफआईएच के साथ काम करेंगे.’
We fully agree! This is not normal!
— Belgian Red Lions (@BELRedLions) October 6, 2021
The credibility and image of our sport is once again facing hard times. It's a pitty @FIH_Hockey ! https://t.co/2ctvrlchbH
टीम के आधिकारिक हैंडल पर भी इसी तरह की भावनाएं व्यक्त की गई हैं. टीम की तरफ से ट्वीट किया गया, ‘हम पूरी तरह से सहमत हैं. यह सामान्य नहीं है. हमारे खेल की विश्वसनीयता और छवि एक बार फिर मुश्किल दौर से गुजर रही है. बेहद अफसोस की बात है.’