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पॉल वल्थाटी की कहानी: कभी आईपीएल में पंजाब के लिए मचाया था कोहराम, अब हो चुके हैं गुमनाम

क्रिकेटर पॉल वल्थाटी ने आईपीएल 2011 में शानदार प्रदर्शन करके फैन्स के दिलों में एक खास जगह बनाई थी. उस आईपीएल सीजन में पॉल वल्थाटी ने ऐसा खेल दिखाया था कि उन्हें इंडिया का अगला स्टार तक कहा जाना लगा था, लेकिन धीरे-धीरे पॉल वल्थाटी अपनी चमक खो बैठे और क्रिकेट की दुनिया से गुमनाम हो गए.

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पॉल वल्थाटी
पॉल वल्थाटी

इ़ंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 16वें सीजन की शुरुआत 31 मार्च से हो रही है. अबकी बार टूर्नामेंट के पहले मुकाबले में गुजरात टाइटन्स का सामना चेन्नई सुपर किंग्स से होना है. आईपीएल एक ऐसा मंच है जहां पर हरेक सीजन में कोई ना कोई खिलाड़ी स्टार फरफॉर्मर बनकर जरूर उभरता है. आईपीएल 2011 का सीजन भी इससे अछूता नहीं था, जिसमें पॉल वल्थाटी ने किंग्स इलेवन पंजाब (अब पंजाब किंग्स) के लिए जबरदस्त प्रदर्शन किया था.

आईपीएल 2011 में पॉल वल्थाटी ने किंग्स इलेवन पंजाब के लिए ऐसा खेल दिखाया था कि चारों तरफ उन्हीं की चर्चा होने लगी थी. उन्हें टीम इंडिया का अगला स्टार तक कहा जाने लगा. लेकिन उस सीजन के बाद पॉल वल्थाटी की किस्मत ने यू टर्न ले लिया और वह धीरे-धीरे अपनी चमक खोते चले गए थे. 39 साल के पॉल वल्थाटी अब एक तरह से गुमनाम हो चुके हैं. पॉल वल्थाटी साल 2018 में वह मुंबई टी20 टूर्नामेंट में दिखाई दिए. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अब पॉल वल्थाटी एयर इंडिया में नौकरी करते हैं.

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सीएसके के खिलाफ वो यादगार पारी...

पॉल ने अपना आईपीएल डेब्यू साल 2009 में राजस्थान रॉयल्स के लिए किया था, लेकिन उन्हें लाइमलाइट आईपीएल 2011 के जरिए ही मिली. पॉल वल्थाटी ने ही आईपीएल 2011 के सीजन का पहला शतक लगाया था. वल्थाटी ने यह शतक चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ लगाया था. 3 अप्रैल, 2011 को मोहाली में हुए मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स ने किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ 189 रनों का लक्ष्य रखा था. उस समय 189 रन एक बड़ा टारगेट माना जाता था, लेकिन एडम गिलक्रिस्ट के साथ ओपनिंग करने के लिए आए पॉल वल्थाटी के इरादे कुछ और ही थे. वल्थाटी ने चौके-छक्कों की बरसात करते हुए सिर्फ 63 गेंदों में नाबाद 120 रनों की पारी खेलकर किंग्स इलेवन पंजाब को छह विकेट से जीत दिला दी. अपनी शतकीय पारी में पॉल वल्थाटी ने 19 चौके और दो छक्के लगाए थे.

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डेक्कन चार्जर्स के खिलाफ गेंद से भी मचाया कहर

दाएं हाथ के बल्लेबाज पॉल वल्थाटी ने फिर डेक्कन चार्जर्स के खिलाफ मैच में शानदार प्रदर्शन किया. वल्थाटी ने पहले गेंदबाजी में जौहर दिखाते 29 रन देकर चार विकेट लिए. उसके बाद बल्लेबाजी में दम दिखाते हुए 47 गेंदों पर 75 रनों की धुआंधार पारी खेली. इसके बाद पॉल ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 46 रनों की धुआंधार पारी खेली. राजस्थान के खिलाफ तो उनकी टीम ने सिर्फ तीन ओवरों में 50 रन का आंकड़ा पार कर लिया था. पॉल वल्थाटी से इसके बाद वाले मैचों भी ऐसे ही प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन धीरे-धीरे उनका फॉर्म गिरता चला गया.

... फिर वल्थाटी ने खो दी अपनी चमक

पॉल वल्थाटी ने 2011 सीजन के बाद भी आईपीएल में भाग लिया लेकिन वो उनकी बल्लेबाजी में 2011 के सीजन वाली चमक पूरी तरह गायब दिखी. पॉल की हालत ऐसी हो गई कि वो आईपीएल की आखिरी पांच पारियों में दहाई का आकंड़ा भी नहीं टच कर पाए थे. पॉल ने आईपीएल का अपना अंतिम मैच साल 2013 के सीजन में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेला था, जिसमें वो 6 रन ही बना सके. 2013 के सीजन के बाद तो उन्हें आईपीएल में किसी टीम ने खरीदा भी नहीं.

पॉल

...ऐसा रहा इस क्रिकेटर का आईपीएल करियर

पॉल वल्थाटी ने आईपीएल 2011 के सीजन में कुल 14 मैचों में 35.61 के एवरेज से 463 रन बनाए थे, जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल रहे. वह उस सीजन शॉन मार्श के बाद किंग्स इलेवन पंजाब के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले प्लेयर थे. पॉल वल्थाटी ने  ओवरऑल 23 आईपीएल मैचों में 22.95 की औसत से 505 रन बनाए, जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल रहे. अगर गेंदबाजी की बात की जाए, तो वल्थाटी ने कुल 7 विकेट हासिल किए.

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करियर में चोटों से भी जूझते रहे पॉल वल्थाटी

7 दिसंबर 1983 को मुंबई में पैदा हुए पॉल वल्थाटी को बचपन से ही क्रिकेट का शौक था. ऐसे में उन्होंने अपने सपने को साकार करने के लिए दिलीप वेंगसरकर क्रिकेट अकादमी ज्वाइन कर ली. पॉल की मेहनत रंग लाई और उन्हें साल 2002 के अंडर-19 विश्व कप के लिए भारतीय टीम में जगह मिली थी. उस टीम में इरफान पठान और पार्थिव पटेल भी शामिल थे. हालांकि न्यूजीलैंड में हुआ वर्ल्ड कप पॉल के लिए मुसीबतें लेकर आया, जब बांग्लादेश के खिलाफ मैच में उनके आंख में चोट लग गई. इस चोट के चलते वह कुछ साल तक क्रिकेटिंग एक्शन से दूर रहे.

हालांकि पॉल ने हिम्मत नहीं हारी और वह साल 2006 में मुंबई की सीनियर टींम में चुने गए. पॉल वल्थाटी के साथ सबकुछ सही बीत रहा था और वह आईपीएल 2011 की समाप्ति के बाद भारतीय टीम मे चयन होने की रेस में भी आ गए थे, लेकिन कलाई की चोट ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया. वल्थाटी की हालत ऐसी हो गई कि उन्हें ठीक से बैट पकड़ने में भी तकलीफ होती थे. हालांकि पॉल ने साल 2012 के आईपीएल में जरूर वापसी की और छह मुकाबले भी खेले, लेकिन उस सीजन वह अपना घुटना चोटिल करवा बैठे. इसके बाद उन्होंने लंदन में इसका ऑपरेशन करवाया था. कहने का अर्थ यह है कि पॉल वल्थाटी की किस्मत भी उनसे रूठ गई.

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