राफेल वरान और एंटोनी ग्रीजमैन के गोल तथा गोलकीपर ह्यूगो लोरिस के बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर फ्रांस ने उरुग्वे को 2-0 से हराकर फीफा वर्ल्ड कप 2018 के सेमीफाइनल में प्रवेश किया. शुक्रवार को क्वार्टर फाइनल मुकाबले में वरान ने 40वें मिनट में गोल कर फ्रांस को हाफ टाइम तक 1-0 से आगे रखा, जबकि ग्रीजमैन ने 61वें मिनट में बढ़त दोगुनी कर जीत सुनिश्चित की.
FIFA FACTS-
-फ्रांस 2006 के बाद से पहली बार सेमीफाइनल में पहुंचने में कामयाब रहा है. वह छठी बार अंतिम-4 में पहुंचा है.
-फ्रांस सेमीफाइनल में ब्राजील और बेल्जियम के बीच होने वाले मैच के विजेता से भिड़ेगा.
सेमीफाइनल में इससे पहले तक फ्रांस का क्या हुआ -
1958: ब्राजील के हाथों 2-5 से हारे
1982: पश्चिमी जर्मनी के हाथों 4-5 (पनेल्टी में ) से हारे, एक्स्ट्रा टाइम के बाद स्कोर 3-3 रहा था
1986: पश्चिमी जर्मनी के हाथों 0-2 से हारे
1998: क्रोएशिया को 2-1 से हराया
2006: पुर्तगाल को 1-0 से हराया
2018: इस बार 10 जुलाई को मुकाबला होगा
win!
France are the first team to book their place in the semi-finals with a 2-0 victory over ! //
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उरुग्वे ने इस मैच से पहले काफी प्रभावशाली खेल दिखाया था और अपने सभी मैच जीते थे, लेकिन फ्रांस की मजबूत रक्षापंक्ति और दमदार आक्रमण के सामने उसकी कमजोरी खुलकर सामने आ गई.
डिडियर डिसचैम्प्स की टीम ने वास्तव में प्रभावशाली प्रदर्शन किया, जबकि उरुग्वे को एडिनसन कवानी की बहुत कमी खली, जो चोटिल होने के कारण इस मैच में नहीं खेल पाए.
दोनों टीमों ने शुरु में एक-दूसरे पर हावी होने की कोशिश की, लेकिन फ्रांस गेंद को अधिक कब्जे में रखने और दबाव बनाने में सफल रहा. इसका उसे तब फायदा भी मिला, जब वरान ने हेडर से गोल दागा. उन्होंने ग्रीजमैन की फ्री किक पर यह गोल किया, जिसका उरुग्वे के गोलकीपर फर्नांडो मुसलेरा के पास कोई जवाब नहीं था.
Looks like is making a difference in both defence and attack! 0-1
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फ्रांस ने दूसरे हाफ के शुरू में उरुग्वे के शुरुआती दबाव को झेलने के बाद मुसलेरा की गलती से अपनी बढ़त दोगुनी की. ग्रीजमैन तेजी से गेंद लेकर पेनल्टी एरिया में गए और उन्होंने उस करारा शॉट जमाया, जो मुसलेरा के हाथों से टकराई, लेकिन उरुग्वे की तरफ से 102वां मैच खेल रहा यह गोलकीपर उसे गोल लाइन के अंदर जाने से रोकने में नाकाम रहा.
मुसलेरा ने पिछले चार मैचों में केवल एक गोल होने दिया था, लेकिन वह अपने रंग में नहीं दिखे. कवानी की चोट और मुसलेरा के महत्वपूर्ण क्षण पर खराब खेल आखिर में उरुग्वे पर भारी पड़ गई और उसे क्वार्टर फाइनल से रूस को अलविदा कहना पड़ा.
मैच रिपोर्ट-
शुरुआती क्षणों में उरुग्वे ने लुकास टोरेइरा और लुई सुआरेज की तेजी और जवाबी हमले की अपनी क्षमता से फ्रांस की रक्षापंक्ति में सेंध लगाने की कोशिश की. गोल करने का पहला अच्छा मौका हालांकि फ्रांस के पास था.
अर्जेंटीना के खिलाफ फ्रांस की जीत के नायक काइलियान एम्बाप्पे को बेंजामिन पावर्ड और ओलिवर गिरोड के प्रयासों से बॉक्स के अंदर गेंद मिली. उनके पास समय था, लेकिन उन्होंने जल्दबाजी में हेडर लगाया और गेंद क्रॉस बार के ऊपर से बाहर चली गई.
वरान ने हालांकि इसके बाद फ्रांस को बढ़त दिला दी. उरुग्वे के पास मध्यांतर से ठीक पहले बराबरी का बेहतरीन मौका था, लेकिन गोलकीपर लोरिस ने फ्रांस पर से संकट टाला. टोरेइरा के क्रॉस पर मार्टिन कासेरस ने सटीक हेडर जमाया, लेकिन गेंद गोल में पहुंच पाती, इससे पहले लोरिस ने हवा में तैरते हुए एक हाथ से उसे रोक दिया.
उरुग्वे दूसरे हाफ के शुरू से ही गोल करने के लिए बेताब दिखा, लेकिन फ्रांस की टीम भी नए बदलावों के साथ अधिक ऊर्जावान दिखी. इस बीच लुईस सुआरेज के पास उरुग्वे को बराबरी दिलाने मौका भी था, लेकिन वह सही समय पर अपना चमत्कारिक प्रदर्शन करने में नाकाम रहे. ऐसे समय में मुसलेरा की गलती से फ्रांस ने दूसरा गोल दागकर उरुग्वे पर दबाव बढ़ा दिया.
Are on their way to the semi-finals? 0-2
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इसके बाद मैच में कुछ तनावपूर्ण क्षण भी देखने को मिले. एक अवसर पर एम्बाप्पे और क्रिस्टियन रोड्रिग्ज आपस में भिड़ गए, जिसके कारण दोनों को पीला कार्ड भी मिला.
फ्रांस ने इसके बाद यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश की कि उरुग्वे गोल नहीं दाग पाए. खेल के 78वें मिनट में कासेरस ने क्रॉस से गेंद बॉक्स में पहुंचाई, जिसे केवल डिफलेक्ट करना था. उरुग्वे के तीन खिलाड़ियों ने उस पर हेडर लगाने की कोशिश की, लेकिन वरान ने उनके मंसूबे पूरे नहीं होने दिए. इंजुरी टाइम में कासेरस के पास भी मौका था, लेकिन उनका हेडर निशाने पर नहीं लगा.