scorecardresearch
 

देश में छिड़ी 'गाय' पर बहस के बीच सहवाग ने शेयर की ये तस्वीर...

तस्वीर में लिखा है कि यह तस्वीर 2008 में श्रीलंका में ली गई है. जिसमें संत ने गाय को हत्या से बचाया था, जिसके बाद गाय ने संत का कुछ इस अंदाज में शुक्रिया अदा किया. सहवाग ने इस ट्वीट के साथ लिखा कि गाय का इस प्रकार का व्यवहार शानदार है.

गाय पर छिड़ी बहस में कूदे वीरू गाय पर छिड़ी बहस में कूदे वीरू

देशभर में इन दिनों गाय के मुद्दे को लेकर जंग छिड़ी हुई है. हर कोई अपनी-अपनी राय दे रहा है. इसी बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने गुरुवार को एक तस्वीर ट्विटर पर शेयर की. जिसमें गाय एक संत के सामने सर झुका रही है. इस तस्वीर को लगातार शेयर किया जा रहा है.

तस्वीर में लिखा है कि यह तस्वीर 2008 में श्रीलंका में ली गई है. जिसमें संत ने गाय को हत्या से बचाया था, जिसके बाद गाय ने संत का कुछ इस अंदाज में शुक्रिया अदा किया. सहवाग ने इस ट्वीट के साथ लिखा कि गाय का इस प्रकार का व्यवहार शानदार है.

गौरतलब है कि केरल में गाय को सरेआम काटने के बाद से ही देश भर में गाय को लेकर माहौल सा बना हुआ है. अभी बुधवार को ही राजस्थान हाईकोर्ट ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की सिफारिश की है. राजस्थान हाई कोर्ट के जस्टिस महेश चंद्र शर्मा ने एक फैसले में कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए और गोहत्या करने वालों को आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान किया जाना चाहिए. उनके इस फैसले की देश भर में चर्चा हो रही है.

जस्टिस महेश चंद्र शर्मा बुधवार को ही रिटायर भी हो गए हैं. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा- 'हमने मोर को राष्ट्रीय पक्षी क्यों घोषित किया. इसलिए क्योंकि मोर आजीवन ब्रह्मचारी रहता है. इसके जो आंसू आते हैं, मोरनी उसे चुग कर गर्भवती होती है. मोर कभी भी मोरनी के साथ सेक्स नहीं करता. मोर पंख को भगवान कृष्ण ने इसलिए लगाया क्योंकि वह ब्रह्मचारी है. साधु संत भी इसलिए मोर पंख का इस्तेमाल करते हैं. मंदिरों में इसलिए मोर पंख लगाया जाता है. ठीक इसी तरह गाय के अंदर भी इतने गुण हैं कि उसे राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए.'

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें