भारत ने एक बार फिर वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को मात देते हुए 61 रन से बड़ी जीत दर्ज की. मुकाबला कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेला गया, जहां टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 176 रन बनाए और फिर पाकिस्तान को 114 पर समेट दिया.
यह जीत सिर्फ स्कोरलाइन के लिहाज से नहीं, बल्कि मानसिक जंग के लिहाज से भी खास रही. मैच से पहले पाकिस्तान की ओर से बायकॉट की बातें और उस्मान तारिक को लेकर जबरदस्त हाइप बनाया गया. कप्तान सलमान आगा ने उन्हें टीम का ‘ट्रंप कार्ड’ बताया था. लेकिन मैदान पर भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने ऐसा दांव चला कि सारी ‘मिस्ट्री’ धरी रह गई.
उस्मान का हाइप, सूर्या की रणनीति
पाकिस्तान ने गेंदबाजी की शुरुआत स्पिन से की और पहले ही ओवर में अभिषेक शर्मा को आउट कर फायदा भी उठाया. माहौल बन चुका था कि उस्मान तारिक भारत के लिए मुश्किल खड़ी करेंगे.
लेकिन इसके बाद ईशान किशन ने आक्रामक अंदाज में रन बटोरे और दबाव कम किया. ईशान के आउट होने के बाद जब सूर्यकुमार यादव क्रीज पर आए तो उन्होंने जल्दबाजी नहीं दिखाई.
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सूर्या ने पिच का मिजाज भांप लिया था. उन्होंने तिलक वर्मा के साथ मिलकर जोखिम भरे शॉट्स से परहेज किया और सिंगल-डबल लेकर पारी को आगे बढ़ाया. खास बात यह रही कि उन्होंने उस्मान तारिक को भी संभलकर खेला और उन्हें कोई बड़ा मौका नहीं दिया. यही मास्टरस्ट्रोक मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ.
फ्लॉप रही ‘मिस्ट्री’
जिस उस्मान तारिक को लेकर पाकिस्तान में भारी चर्चा थी, वह इस मैच में बेअसर रहे. उन्होंने 4 ओवर में 24 रन देकर सिर्फ 1 विकेट लिया, वह भी आखिरी ओवर में, जब मैच भारत के कब्जे में जा चुका था.
अगर भारतीय बल्लेबाज शुरुआत में जोखिम लेते तो हालात बदल सकते थे, लेकिन सूर्या की संयमित कप्तानी ने पाकिस्तान की रणनीति को फेल कर दिया.
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पाकिस्तान की जल्दबाजी पड़ी भारी
176 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान के बल्लेबाज दबाव में दिखे. हर खिलाड़ी बड़े शॉट की कोशिश में विकेट गंवाता गया. भारतीय गेंदबाजों ने सटीक लाइन-लेंथ रखी और पाकिस्तान को 114 रन पर समेट दिया.
इस जीत के साथ भारत ने सुपर-8 में अपनी जगह पक्की कर ली. यह मुकाबला दिखाता है कि बड़े मैच सिर्फ ताकत से नहीं, बल्कि दिमाग और धैर्य से जीते जाते हैं. और इस बार सूर्या का दांव पाकिस्तान पर भारी पड़ गया.