आठ साल पहले आज ही के दिन वीवीएस लक्ष्मण ने एक बार फिर साबित कर दिया था कि वे अपने करियर के दौरान 'वेरी वेरी स्पेशल' क्यों रहे. 5 अक्टूबर 2010 को मोहाली टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया पर एक विकेट से रोमांचक जीत में लक्ष्मण ने बेशकीमती पारी खेली थी.
उस टेस्ट मैच की चौथी पारी में भारत को जीत के लिए 216 रन बनाने थे. 8 विकेट 124 रनों पर गिर गए थे, लेकिन लक्ष्मण ने एक छोर थामे रखा. इस दौरान उन्हें ईशांत शर्मा और प्रज्ञान ओझा का बेहतर साथ मिला और भारत ने 'अविश्वसनीय जीत' हासिल की.
#ThisDay in 2010 - On a dramatic final day of Mohali Test between India and Australia, the stylish batsman @VVSLaxman281 managed to see India home with a thrilling one-wicket win.
How many of you remember this moment? pic.twitter.com/DyEvvM0bPk
— BCCI (@BCCI) October 5, 2018
दरअसल, कलात्मक बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने 73 रनों की वह बेशकीमती पारी तब खेली, जब वह पीठ दर्द से परेशान थे. उन्हें लक्ष्य का पीछा कर रही भारतीय टीम को संभालने के लिए सातवें नंबर पर उतरना पड़ा था और वह जीत दिलाकर ही लौटे.
16 साल के करियर के दौरान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लक्ष्मण का बल्ला हमेशा बोला. लक्ष्मण ने 11,119 इंटरनेशनल रन बनाए, जिनमें से 3,173 रन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रहे. उसी कंगारुओं के खिलाफ अभूतपूर्व 281 रनों की पारी ने उन्हें मशहूर बना दिया. उस पारी से पहले महज 28 का टेस्ट एवरेज रखने वाले लक्ष्मण ने बेदाग दोहरे शतक की बदौलत ऑस्ट्रेलिया के 16 टेस्ट मैचों के विजय रथ को रोका था. राहुल द्रविड़ (180 रन) की लक्ष्मण के साथ फॉलोऑन पारी के दौरान 376 रनों की पार्टनरशिप यादगार रही.
लक्ष्मण ने 134 टेस्ट में 8781 रन और 86 वनडे मैच में 2338 रन बनाए. अपने करियर में 17 टेस्ट और 6 वनडे शतक जमाए. लक्ष्मण को इस बात का जरूर मलाल रहेगा कि वे कभी वर्ल्ड कप नहीं खेल पाए. लक्ष्मण अपने करियर के पहले वनडे में शून्य पर आउट हुआ और आखिरी वनडे में भी.