ऑस्ट्रेलिया ने वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप 2021-23 के फाइनल में जगह बना ली है. भारत के खिलाफ इंदौर टेस्ट मैच में 9 विकेट से शानदार जीत हासिल करके यह उपलब्धि हासिल की. ऑस्ट्रेलियाई टीम की जीत के हीरो ऑफ-स्पिनर नाथन लायन रहे जिन्होंने इस मुकाबले में कुल 11 विकेट हासिल किए. दोनों टीमों के चार मैचों की टेस्ट सीरीज का आखिरी मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 9 मार्च से खेला जाना है.
WTC में भारत का ये है अब समीकरण
इस शर्मनाक हार के बाद टीम इंडिया के लिए मुश्किलें पैदा हो गई हैं. अब भारत को वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल में जगह बनाने के लिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अहमदाबाद टेस्ट में किसी हाल में भी जीत हासिल करनी होगी, नहीं तो उसे न्यूजीलैंड-श्रीलंका सीरीज पर निर्भर रहना होगा. अहमदाबाद टेस्ट में भारत के हारने या ड्रॉ पर मैच छूटने की स्थिति में श्रीलंका के लिए दरवाजे खुल जाएंगे और वह न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज को 2-0 से जीतकर फाइनल में पहुंच सकता है.
अहमदाबाद टेस्ट में यदि फिर उलटफेर होता है और भारत को जीत नहीं मिलती है तब भी भारत फाइनल में पहुंच सकता है. लेकिन, ऐसी स्थिति में भारत को प्रार्थना करनी होगी श्रीलंकाई टीम कम से कम न्यूजीलैंड के खिलाफ दो में से एक मुकाबले में हार जाए या ड्रॉ अर्जित कर ले. ऐसी स्थिति में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच फाइनल मुकाबला होगा. वैसे भी न्यूजीलैंड जैसी तगड़ी टीम के खिलाफ जीतना श्रीलंका के लिए काफी मुश्किल होगा. श्रीलंका-न्यूजीलैंड के बीच इसी महीने सीरीज होने वाली है.
ऑस्ट्रेलिया का पहले स्थान पर रहना पक्का
ऑस्ट्रेलियाई टीम वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप की टेबल में फिलहाल 68.52 अंकों के साथ पहले नंबर पर है और वह आखिरी टेस्ट में हार झेलने की स्थिति में भी टॉप पर ही रहेगी. वहीं रोहित शर्मा की अगुवाई वाली भारतीय टीम फिलहाल 60.29 प्रतिशत अंकों के साथ तालिका में दूसरे स्थान पर है. इसके बाद क्रमश: श्रीलंका और साउथ अफ्रीका का नंबर आता है. वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप का फाइनल 7 जून से लंदन के ओवल मैदान पर खेला जाना है.

मुकाबले की बात करें तो टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में सिर्फ 109 रन बनाए. भारत की ओर से विराट कोहली ने सबसे ज्यादा 22 रन की पारी खेली. बाकी कोई खिलाड़ी कुछ खास नहीं कर पाए थे. ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए स्पिनर मैथ्यू कुह्नमैन ने सबसे ज्यादा पांच विकेट हासिल किए थे.
जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 197 रन बनाए और उसे 88 रनों की लीड हासिल हुई. उस्मान ख्वाजा ने सबसे ज्यादा 60 रनों की पारी खेली थी. वहीं भारत की ओर से रवींद्र जडेजा ने भारतीय टीम की ओर सबसे ज्यादा चार विकेट लिए थे. इसके बाद भारतीय बल्लेबाज दूसरी पारी में भी बेबस दिखे और पूरी टीम 163 रनों पर ही सिमट गई. नतीजतन ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए सिर्फ 76 रनों का टारगेट मिला था जिसे उसने आराम से चेज कर लिया.