अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा हो चुका है. तालिबानी राज में पहली बार क्रिकेट से जुड़ी अच्छी खबर आई है. अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने पहले टेस्ट मैच को मंजूरी दे दी है.
पिछले साल कोरोना के चलते अफगानिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच होबर्ट में खेले जाने वाला एक मात्र टेस्ट मैच टाल दिया गया था. ये मुकाबला पिछले साल 27 नवंबर से 1 एक दिसंबर तक होना था, जो अब टी-20 वर्ल्ड कप के बाद होगा.
तालिबान की वापसी के बाद इससे पहले 3 सितंबर से शुरू होने वाली अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच वनडे सीरीज को स्थगित कर दिया गया था. ये सीरीज श्रीलंका में होनी थी.
बोर्ड के सीईओ हामिद शेनवारी ने कहा था, 'हमने खिलाड़ियों की स्थिति और मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए टूर्नामेंट को स्थगित करने का आपसी सहमति से फैसला किया है. मौजूदा हालात में सीरीज का आयोजन संभव नहीं है.'
एसीबी ने दुनिया को दिलाया था भरोसा
देश में जारी संकट के अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने दुनिया को इस बात का भरोसा दिलाया था कि तालिबानी खौफ के बीच भी खेल को नुकसान नहीं पहुंचेगा. एसीबी के सीईओ हामिद शेनवारी ने यह दावा किया था कि क्रिकेट को इससे कोई नुकसान नहीं होगा. क्योंकि तालिबान इस खेल को ‘पसंद’ करता है और इसका समर्थन करता है.
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड में फेरबदल
बीते दिनों तालिबान ने अजीजुल्लाह फाजली को अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के कार्यवाहक अध्यक्ष के तौर पर फिर से नियुक्त किया है. फाजली ने इससे पहले सितंबर 2018 से जुलाई 2019 तक एसीबी के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया था.
Former ACB Chairman @AzizullahFazli has been re-appointed as ACB's acting Chairman. He will oversee ACB's leadership and course of action for the upcoming competitions. pic.twitter.com/IRqekHq7Jt
— Afghanistan Cricket Board (@ACBofficials) August 22, 2021
ACB ने ट्वीट किया था, ‘ACB के पूर्व अध्यक्ष अजीजुल्लाह फाजली को बोर्ड के कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में फिर से नियुक्त किया गया है. वो आगामी टूर्नामेंट के लिए ACB का नेतृत्व करने के साथ बोर्ड की कार्रवाई की देखरेख करेंगे.’