मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट के मैदान पर दर्जनों रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं. वह टेस्ट और वनडे में शतकों का शतक (100) लगाने वाले पहले खिलाड़ी हैं. सचिन ने टेस्ट में 51 और वनडे में 49 शतक जमाए. साथ ही वनडे क्रिकेट का पहला दोहरा शतक भी सचिन के नाम ही रहा है, जो उन्होंने 2010 में ग्वालियर में लगाया था.
दरअसल, सचिन तेंदुलकर ग्वालियर वनडे खेलना नहीं चाहते थे. मैच से पहले उनके शरीर में काफी दर्द था. सचिन यह वनडे खेलने के लिए तैयार नहीं थे. मैच से पहले उन्होंने फिजियो को सारी बात बताई थी. फिर सचिन ने हिम्मत दिखाते हुए मैच खेलने का मन बनाया और रिकॉर्ड कायम कर दिया.
'सपने में भी नहीं सोचा था डबल सेंचुरी लगाऊंगा'
दरअसल, साउथ अफ्रीका टीम फरवरी 2010 में भारत दौरे पर थी. तब दोनों टीम के बीच तीन वनडे की सीरीज खेली गई. पहला मैच भारत ने एक रन से जीता था. इसके बाद दूसरा वनडे ग्वालियर में होना था. इसको लेकर सचिन ने ईएसपीएनक्रिकइंफो से कहा कि रिकॉर्ड तो रिकॉर्ड होता है. मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं डबल सेंचुरी लगा पाऊंगा. इस मैच से पहले तक मेरा क्रिकेट सीजन शानदार रहा था. मैं थका हुआ था और शरीर दर्द दे रहा था.
'शरीर के हर हिस्से में बहुत तेज दर्द था'
सचिन ने कहा कि मैच से पहले मैं होटल रूम में फिजियो के पास गया और उनसे कहा कि इस समय मेरे शरीर में बहुत दर्द है. मेरे शरीर के हर हिस्से में दर्द है और मैंने प्रैक्टिस में भी इसे देखा है. यह निर्णायक वनडे था, इसलिए मैं खेला. मैंने फिजियो से कहा कि यदि हम यह दूसरा वनडे जीत जाते हैं, तो बीसीसीआई से कहकर मुझे सीरीज के तीसरे वनडे में आराम दिला दीजिएगा. यदि हम दूसरा वनडे नहीं जीते, तो मैं तीसरा मैच जरूर खेलूंगा. हालांकि हमने दूसरा वनडे जीतकर ही सीरीज कब्जे में कर ली थी.
सीरीज के शुरुआती दो मैच जीतने के बाद सचिन ने तीसरा वनडे नहीं खेला था. यह मैच भारतीय टीम 90 रनों से हार गई थी. टीम इंडिया ने इस सीरीज का पहला मैच एक रन से जीता था. उसके बाद दूसरा वनडे 153 रनों के अंतर से जीतकर सीरीज पर कब्जा जमा लिया था.