scorecardresearch
 

India ODI Team: अश्विन की जगह फिर खतरे में, युवाओं को तरजीह दे सकता है टीम मैनेजमेंट

टीम मैनेजमेंट ने लंबे अरसे बाद रविचंद्रन अश्विन पर सफेद गेंद के साथ भरोसा किया था, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के इस दौरे में वह बुरी तरह से फेल रहे. अश्विन ने 2 वनडे और 3 टेस्ट में कुल मिलाकर सिर्फ 2 विकेट ही हासिल किए.

X
R Ashwin with Rohit Sharma (Getty) R Ashwin with Rohit Sharma (Getty)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • वेस्टइंडीज के खिलाफ बाहर हो सकते हैं अश्विन
  • युवा स्पिनर्स के साथ उतर सकती है टीम इंडिया

दक्षिण अफ्रीका में फेवरेट मानी जा रही टीम इंडिया को टेस्ट और वनडे दोनों सीरीज में हार का सामना करना पड़ा. विराट को कप्तानी से हटाने और रोहित की फिटनेस की समस्या के बाद टीम इस सीरीज में एक नए कप्तान के साथ उतरी थी. केएल राहुल ने दक्षिण अफ्रीका में जोहानिसबर्ग में दूसरे टेस्ट और वनडे सीरीज में टीम की कमान संभाल रहे थे. इन सभी मुकाबलों में टीम को हार का सामना करना पड़ा. 2023 विश्व कप को ध्यान में रखते हुए टीम इंडिया के लिए यह हार आने वाले वक्त के लिए एक वॉर्निंग साइन के बराबर है. 

... बुरी तरह फ्लॉप रहे अश्विन

कप्तान केएल राहुल के कुछ निर्णय, टीम की रणनीति और टीम का बैलेंस बुरी तरह से डिगा हुआ नजर आया. कम वनडे मुकाबले और अगले विश्व कप के लिए कम समय भारतीय फैंस की चिंताएं और बढ़ा रहा है. इस कड़ी में भारतीय स्पिनर्स का बुरा प्रदर्शन भी है. टीम मैनेजमेंट ने लंबे अरसे बाद रविचंद्रन अश्विन पर सफेद गेंद के साथ भरोसा किया था, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के इस दौरे में वह बुरी तरह से फेल रहे. अश्विन ने 2 वनडे और 3 टेस्ट में कुल मिलाकर सिर्फ 2 विकेट ही हासिल किए. यह उनके स्तर के हिसाब से काफी खराब प्रदर्शन है. 

अफ्रीकी स्पिनर्स ने किया परेशान

जिन विकेटों पर केशव महाराज और तबरेज शम्सी भारतीय बल्लेबाजों को परेशान कर रहे थे उन विकेटों पर भारतीय स्पिनर्स फ्लॉप नजर आए. 3 वनडे मुकाबलों में युजवेंद्र चहल ने 2 विकेट और अश्विन ने 2 मैचों में 1 विकेट हासिल किया. टीम इंडिया ने साल 2018 में स्पिनर्स की बदौलत ही 6 मुकाबलों की सीरीज 5-1 से जीती थी. पार्ल की पिच पर स्पिनर्स को मदद भी मिल रही थी, लेकिन अश्विन और चहल दोनों फ्लॉप रहे. टीम इंडिया को अगली सीरीज घर में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलनी है, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रविचंद्रन अश्विन को वनडे टीम में जगह नहीं मिलेगी. 

इन युवाओं पर रहेगा भरोसा

टीम मैनेजमेंट का यह फैसला भविष्य को लेकर एक कदम माना जा सकता है. हमेशा से स्पिन में मजबूत मानी जाने वाली टीम इंडिया के लिए 2023 विश्व कप से पहले हर क्षेत्र के लिए बेहतर खिलाड़ी और बैकअप तैयार करने की चुनौती है. टीम मैनेजमेंट भी ऐसे में 4 साल वनडे बाद में वापसी कर रहे 35 वर्षीय अश्विन की जगह वेस्टइंडीज के खिलाफ किसी युवा स्पिनर को तरजीह देना बेहतर विकल्प समझेगा. रवि बिश्नोई, राहुल चाहर, वॉशिंगटन सुंदर जैसे खिलाड़ियों को परखने का यही मौका है. 

भारत में होने वाले विश्व कप के लिए स्पिनर्स ही सबसे बड़ा रोल अदा करेंगे ऐसे में टीम को अभी से खिलाड़ियों को मौके देने होंगे. पिछले 1-2 वर्षों में टीम इंडिया के लिए स्पिनर्स असफल साबित हुए हैं. वनडे सीरीज में भारतीय स्पिनर्स विरोधी टीम के स्पिन गेंदबाजों के मुकाबले असफल रहे हैं. ऐसे में यह भारतीय टीम के लिए चिंता का विषय जरूर है. स्पिन की उस्ताद मानी जानी वाली टीम इंडिया के बल्लेबाज भी फिरकी के सामने लगातार विकेट फेंकते नजर आए हैं. 
 

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें