टीम इंडिया का हेड कोच बने हुए राहुल द्रविड़ को करीब 8 महीने पूरे हो गए हैं. बेंगलुरु में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले जा रहे सीरीज़ के पांचवें और आखिरी टी-20 मैच से पहले राहुल द्रविड़ से बतौर टीम इंडिया के कोच उनके सफर की बात हुई. इस दौरान मज़ाक में राहुल द्रविड़ ने कहा कि उन्होंने सोचा नहीं था कि शुरुआत में ही उन्हें 6 कप्तानों के साथ काम करना होगा.
राहुल द्रविड़ ने कहा कि ये सफर अभी तक काफी शानदार रहा, कुछ चुनौतियां भी रहीं. क्योंकि उन्होंने सोचा नहीं था कि पहले 8 महीने में ही 6 कप्तानों के साथ काम करना होगा, लेकिन कोरोना के दौर में यही एक नॉर्मल बन गया है. क्योंकि आपको वर्कलोड, प्लेयर्स हर किसी को मैनेज करना होता है और कप्तानी भी इसी में शामिल हो जाती है.
बता दें कि राहुल द्रविड़ ने टी-20 वर्ल्डकप के बाद टीम इंडिया के कोच का पद संभाला था. तब से अबतक वह विराट कोहली, रोहित शर्मा, केएल राहुल, अजिंक्य रहाणे, ऋषभ पंत, शिखर धवन की कप्तानी में बतौर कोच काम कर चुके हैं.
नए लीडर्स तैयार करने पर ज़ोर: राहुल द्रविड़
कोच राहुल द्रविड़ ने कहा कि अलग-अलग कप्तानों के साथ काम करना चुनौती होती है, लेकिन नए लीडर्स तैयार करने के लिए ये बेहतरीन है. एक ग्रुप के तौर पर हम सीख रहे हैं और हमें लगातार सुधार करना है.
राहुल द्रविड़ ने यहां अभी तक के कोचिंग कार्यकाल की सबसे बड़ी निराशा भी बताई. उन्होंने कहा कि साउथ अफ्रीका का दौरा एक निराशा रहा, क्योंकि वहां पर हम 1-0 से आगे थे और उसके बाद भी सीरीज़ को नहीं जीत पाए. वो भी तब जब वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के हिसाब से वह काफी अहम था. लेकिन हमारा व्हाइट बॉल क्रिकेट काफी बेहतर हुआ है.
राहुल द्रविड़ ने साउथ अफ्रीका के साथ जारी मौजूदा सीरीज की भी बात की, उन्होंने कहा कि कई सीनियर प्लेयर्स के ना होने के बाद भी हम यहां वापसी करने में सफल हुए. बता दें कि राहुल द्रविड़ के सामने अगली बड़ी चुनौती इंग्लैंड दौरा है, इसके बाद इसी साल होने वाला टी-20 वर्ल्डकप भी है.