क्रीज पर उतरते ही आक्रामक खेलने के चक्कर में अक्सर अपना विकेट गंवा देने वाले ऋषभ पंत का कहना है कि उनकी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टीम दिल्ली कैपिटल्स के कोच रिकी पोंटिंग उन्हें अपनी तरह से खेलने की पूरी आजादी देते हैं.
22 साल के ऋषभ पंत ने अपनी टीम के साथ इंस्टाग्राम चैट पर कहा, ‘वह मुझे पूरी आजादी देते हैं. वह कहते हैं कि जैसा चाहो, खेलो’ उन्होंने यह भी कहा कि आईपीएल 2018 सत्र उनके लिए जिंदगी बदलने वाला रहा.
ऋषभ पंत ने इसमें 14 मैचों में 684 रन बनाए थे, जिसमें एक शतक और पांच अर्धशतक शामिल थे. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 173.60 का रहा. उन्होंने कहा, ‘वह सत्र (आईपीएल 2018) मेरे लिए जिंदगी बदलने वाला था. मुझे उस कामयाबी की जरूरत थी. हम पिछली बार नॉकआउट तक पहुंचे और तीसरे स्थान पर रहे.’
128* v/s SRH ✅
Team India Debut ✅
The Bromance of #DelhiCapitals ✅
The camaraderie with #MSDhoni ✅@RishabhPant17 took us on a trip down memory lane like no other in our exclusive #InstagramLIVE!#YehHaiNayiDillihttps://t.co/qZsmhk0XuE
— Delhi Capitals (Tweeting from Home🏠) (@DelhiCapitals) May 1, 2020
उन्होंने टेस्ट क्रिकेट खेलने की चुनौतियों के बारे में कहा, ‘मुझे टेस्ट खेलना पसंद है. आप खुद को समय दे सकते हैं. टेस्ट क्रिकेट में आपकी असल परीक्षा होती है.’ पंत ने अपने शुरुआती दिनों के संघर्ष के बारे में भी बताया.
उन्होंने कहा कि महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली, रोहित शर्मा, युवराज सिंह, सुरेश रैना और शिखर धवन जैसे सीनियर खिलाड़ियों ने उनकी काफी मदद की. अपने आदर्श एडम गिलक्रिस्ट के बारे मे उन्होंने कहा, ‘समय के साथ मुझे अहसास हुआ कि आपको अपने आदर्श से सीखना होता है, उसकी नकल नहीं करनी होती.’
ऋषभ पंत ने अपने शुरुआती दिनों के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि वह अभ्यास करने के लिए दिल्ली जाने के लिए रात को दो बजे बस पकड़ते थे. विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा, 'उस समय राज्य (उत्तराखंड) के पास क्रिकेट टीम नहीं थी. मैं रात को दो बजे बस पकड़ता था. उस समय मुझे सड़क के रास्ते छह घंटे लगते थे.'