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वानखेड़े, सेमीफाइनल और इंग्लैंड से टक्कर...जब स्वीप शॉट और फूड पॉइजनिंग से हारा भारत!

T20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया सेमीफाइनल में पहुंच गई है. ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज पर जीत और संजू सैमसन की 97 रन की पारी ने उम्मीदें जगा दी हैं, लेकिन वानखेड़े में इंग्लैंड से टक्कर सिर्फ मैच नहीं, इतिहास का हिसाब भी है. 1987 में इसी मैदान पर ग्राहम गूच ने भारत का सपना तोड़ा था, वहीं दिलीप वेंगसरकर की अचानक तबीयत बिगड़ने से टीम को बड़ा झटका लगा था. क्या इस बार इतिहास बदलेगा या फिर वही कहानी दोहराएगी?

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इंग्लिश ओपनर ग्राहम गूच की शतकीय पारी. (Reuters/File)
इंग्लिश ओपनर ग्राहम गूच की शतकीय पारी. (Reuters/File)

इंडियन क्रिकेट टीम छठी बार टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंच गई है. कोलकाता के ईडन गार्डन में खेले गए 'मस्ट विन' मैच में सूर्य कुमार यादव की टीम ने वेस्टइंडीज को पांच विकेट से पराजित किया. संजू सैमसन 97 रन की करियर बेस्ट इनिंग खेलकर इस जबरदस्त जीत के सूत्रधार बने. इसके साथ ही टीम इंडिया ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड के साथ सेमीफाइनल मुकाबले के लिए टिकट कटा लिया है.

वानखेड़े में इंडिया-इंग्लैंड सेमीफाइनल

यूं तो पिछले तीन टी20 वर्ल्ड कप में इंडिया और इंग्लैंड सेमीफाइनल में आमने-सामने हुए हैं और संयोग से इस मुकाबले को जीतने वाली टीम वर्ल्ड कप का खिताब जीती है. लेकिन वानखेड़े में किसी वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में इंडिया और इंग्लैंड आखिरी बार 1987 में टकराए थे और उस मैच में इंग्लिश ओपनर ग्राहम गूच ने करोड़ों भारतीयों का दिल तोड़ा था. 

ग्राहम गूच के दनादन स्वीप ने हराया

एक और संयोग देखिए. 1987 के रिलायंस वर्ल्ड कप में भी भारत डिफेंडिंग चैम्पियन था. पहली बार इंडिया विश्व कप की मेजबानी कर रहा था और कपिल देव की कप्तानी में ये तय माना जा रहा था कि इंडिया एक बार फिर फाइनल खेलने जा रही है. टॉस के सिक्के की उछाल भारत के पक्ष में गई और कपिल ने पहले बॉलिंग करने का फैसला किया. टिम रॉबिंसन और ग्राहम गूच की जोड़ी पारी का आगाज करने आई. टिम बहुत देर तक तो टिक नहीं पाए, मगर लंबी पारियां खेलने के आदी ग्राहम गूच कुछ और तय कर आए थे. इंडियन स्पिनर्स के खिलाफ स्वीप शॉट को हथियार बनाया और 11 चौकों की मदद से शानदार शतक जमाया. इंग्लिश टीम के 254/6 के स्कोर में 115 रन अकेले ओपनर गूच के बल्ले से निकले. 

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अजहर को छोड़ कोई नहीं डट पाया

पहली पारी के बाद लगा कि इंडिया इस मैच को जीत लेगी. लेकिन उम्मीदों के उलट भारत की शुरुआत ख़राब रही. सुनील गावस्कर एक चौका लगाकर चलते बने. श्रीकांत, सिद्धू, चंद्रकांत पंडित, कपिल देव, रवि शास्त्री...सभी खिलाड़ियों को अच्छी स्टार्ट मिली, हालांकि इनमें से कोई भी लंबी पारी नहीं खेल सका. टीम के नए-नवेले खिलाड़ी मोहम्मद अजहरुद्दीन ने सबसे ज्यादा 64 रन बनाए. नियमित अंतराल पर विकेट गंवाना भारत को भारी पड़ा और परिणामस्वरूप टीम 35 रनों से मुकाबला हार गई. 

मैच से पहले भारत को लगा बड़ा झटका

यह मैच एक और घटना के लिए याद किया जाता है. दरअसल, कर्नल के नाम से मशहूर दिलीप वेंगसरकर मैच से ऐन पहले बीमार हो गए और ये मैच खेल नहीं पाए. वेंगसरकर इंग्लैंड के खिलाफ बड़े रन बनाया करते थे और इसलिए उन्हें 'लॉर्ड ऑफ लॉर्ड्स' की उपाधि भी मिली थी. सेमीफाइनल मैच की पूर्व संध्या पर लोकल बॉय वेंगसरकर अपनी पत्नी के साथ मुंबई के ही ताज होटल में डिनर करने गए और दोनों ही लोग फूड पॉइजनिंग के शिकार हो गए. उनकी पत्नी को तो हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा. वेंगसरकर ने ऐसा क्या ऑर्डर किया था खाने में और उनकी 'फूड पॉइजनिंग' के चलते मैच नहीं खेलने की बात तब क्यों दबाई गई थी, जानने के लिए सुनिए आजतक रेडियो के क्रिकेट पॉडकास्ट 'बल्लाबोल' का ये एपिसोड.

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इस एपिसोड में आप इंडिया-वेस्टइंडीज मैच की एनालिसिस भी सुन सकते हैं. संजू सैमसन ने कई मैच जिताए हैं, मगर कोलकाता में खेली गई उनकी ये पारी सबसे अलग और खास क्यों है? वानखेड़े में इंडिया-इंग्लैंड सेमिफाइनल में किस टीम का पलड़ा भारी है और क्या अभिषेक शर्मा प्लेइंग 11 में बने रहेंगे. साथ ही पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का अपने खिलाड़ियों पर खराब प्रदर्शन के लिए जुर्माना लगाना क्यों गलत है. इन सब पर सीनियर स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट निखिल नाज़ के साथ कुमार केशव की बतकही सुनिए.  

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