भारत और साउथ अफ्रीका के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मैच 17 दिसंबर (रविवार) को खेला गया. दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला जोहानिसबर्ग के न्यू वांडरर्स स्टेडियम में था. इस मुकाबले में साउथ अफ्रीकी टीम परंपरागत हरे रंग की बजाय गुलाबी जर्सी पहनकर खेलती नजर आई. साउथ अफ्रीकी टीम पहले भी कुछ मैचों में गुलाबी जर्सी पहनकर उतर चुकी है.
इस वजह से पिंक जर्सी में दिखी साउथ अफ्रीकी टीम
आपको बता दें कि हर साल केवल पिंक वनडे मैच के दौरान साउथ अफ्रीकी टीम गुलाबी जर्सी पहनकर खेलने उतरती है. इसका मकसद स्तन कैंसर (Breast Cancer) के खिलाफ लोगों में जागरूकता पैदा करना रहता है. क्रिकेट साउथ अफ्रीका (CSA) भी इस मैच के लिए खास टिकट जारी करता है. साथ ही बोर्ड की तरफ से फैन्स को गुलाबी शर्ट पहनकर मैदान पर आने का आग्रह किया जाता है. इस मैच से होने वाली पूरी कमाई ब्रेस्ट कैंसर से जुड़े अभियान के लिए डोनेट की जाती है.
Pink Day 🎀
A pink calendar day at the Bullring as the Proteas & India get the ODI series underway in solidarity with Breast Cancer Awareness 💓
🏟 DP Wanderers Stadium, Johannesburg
🕚 10:00
📺 SuperSport Grandstand (Ch 201)— Proteas Men (@ProteasMenCSA)
साउथ अफ्रीका ने भारत के खिलाफ मैच से पहले तक गुलाबी जर्सी में कुल 11 वनडे इंटरनेशनल खेले थे. इस दौरान अफ्रीकी टीम को नौ मैचों में जीत मिली थी. साल 2015 में वेस्टइंडीज के खिलाफ पिंक वनडे मैच के दौरान ही एबी डिविलियर्स ने इतिहास रचा था. तत्कालीन साउथ अफ्रीकी कप्तान डिविलियर्स ने सिर्फ 31 गेंदों में शतक जड़ दिया था, जो वनडे इंटरनेशनल का सबसे तेज शतक रहा था.

अर्शदीप सिंह ने की घातक गेंदबाजी
भारत-साउथ अफ्रीका के बीच पहले वनडे मैच की बात करें तो साउथ अफ्रीकी टीम ने इस मुकाबले में सिर्फ 116 रन बनाए. साउथ अफ्रीका की शुरुआत काफी खराब रही और अर्शदीप सिंह ने शुरुआती पावरप्ले में ही चार विकेट झटक दिए. 73 रनों पर सात विकेट गिरने के बाद ऐसा लग रहा था कि साउथ अफ्रीका 100 रन भी नहीं बना पाएगा, लेकिन एंडिले फेहलुक्वायो ने कुछ बड़े शॉट्स लगाकर साउथ अफ्रीका की लाज बचाई.
फेहलुक्वायो ने तीन चौके और दो सिक्स की मदद से 49 गेंदों पर 33 रन बनाए. वहीं टोनी डी जोरजी ने 28 रनों की पारी खेली, जिसमें दो चौके और इतने ही सिक्स शामिल रहे. भारत की ओर से अर्शदीप सिंह ने 10 ओवरों में 47 रन देकर पांच विकेट लिए. वहीं आवेश खान को चार, जबकि कुलदीप यादव को एक सफलता हासिल हुई.