लीड्स टेस्ट में मिली करारी हार के बाद विराट कोहली की कप्तानी और भारतीय टीम के बल्लेबाजों के प्रदर्शन पर सवाल उठ रहे हैं. इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के तीसरे मैच में टीम इंडिया की पहली पारी महज 78 रनों पर सिमट गई थी. दूसरी पारी में उसने आखिरी के 8 विकेट 63 रनों पर गंवा दिए. टीम का स्कोर एक समय 215-2 था और वह 278 रनों पर ऑल आउट हो गई. टीम इंडिया को मैच में पारी और 76 रनों से हारी मिली.
इस हार के बाद विराट कोहली को कड़े सवालों का सामना करना पड़ रहा है. शनिवार को मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनसे भारतीय बल्लेबाजों के अप्रोच को लेकर सवाल किया गया. एक रिपोर्टर ने कोहली से पूछा,' इंग्लैंड के गेंदबाज फुल लेंथ की गेंद डाल रहे थे. वे पैड पर बॉलिंग कर रहे थे. ऐसे में भारतीय बल्लेबाज बैकफुट पर खेल सकते थे. बल्लेबाज रन जुटाने में नाकाम रहे.' इसपर कोहली ने सिर्फ दो शब्दों का जवाब दिया. उन्होंने कहा कि ओके थैंक्स.
Remarkable self-control by .
— Amit Varma (@amitvarma)
In a sense, it's a classic Twitter moment. Person with zero knowledge & zero self-awareness tries to give random gyan to actual practitioner.
बता दें इंग्लैंड ने पांच मैचों की सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली है. टीम इंडिया इस मुकाबले में पहले दिन ही बैकफुट पर चली गई थी. वह महज 78 रनों पर ऑल आउट हो गई थी.
जवाब में इंग्लैंड ने पहली पारी में 432 रन बनाए. कप्तान जो रूट ने 121 रनों की पारी खेली. भारतीय बल्लेबाजों ने दूसरी पारी में अच्छी शुरुआत की. तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक उसका स्कोर 215-2 था.
लेकिन चौथे दिन के पहले सेशन में टीम इंडिया ने 63 रनों पर 8 विकेट गंवा दिए. इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ऑली रॉबिन्सन ने 65 रन देकर 5 विकेट झटके. उन्हें मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला. सीरीज का चौथा मैच 2 सितंबर से लंदन के ओवल मैदान में खेला जाएगा.
'अपने घमंड को जेब में डालें कोहली'
कोहली अपनी आक्रामकता के लिए जाने जाते हैं. लेकिन ये सब तब सही लगता है जब टीम जीत रही हो. हार के बाद कप्तान को विनम्र रहना चाहिए. कोहली खुद खराब फॉर्म से गुजर रहे हैं. और हाल ही में भारत के पूर्व क्रिकेटर मनिंदर सिंह ने कहा था कि कोहली को अपना घमंड जेब में डाल देना चाहिए.
मनिंदर सिंह ने कहा, 'अगर वो दबाव बनाकर खेलना चाहते हैं, जैसा विराट हमेशा करते हैं तो ये ऐसी पिचें नहीं हैं जहां वह उस तरह से बल्लेबाजी कर सकते हैं. उन्हें कुछ और समय बिताने की जरूरत है और पिछले दौरे पर जैसे उन्होंने बल्लेबाजी करते हुए करीब 600 रन बनाए थे. एक बार जब आपको गति का पता लग जाता है फिर आप अपने शॉट खेल सकते हैं.'
उन्होंने कहा कि ये भारत की पिचें नहीं है जहां आप एक पैर आगे निकालकर शॉट खेलना शुरू कर देते हैं. वह अपने घमंड को अपनी जेब में डाल लें.