वैभव सूर्यवंशी ने सोमवार की रात जयपुर में खेले गए आईपीएल मैच में गुजरात टाइटन्स के राशिद खान को मिडविकेट पर छक्का लगाकर टी20 में सबसे कम उम्र का शतक बनाने वाला खिलाड़ी बनने के बाद क्रिकेट जगत को अपना दीवाना बना दिया.14 वर्षीय सूर्यवंशी ने 35 गेंद पर शतक लगाकर कई रिकॉर्ड अपने नाम किए.
राजस्थान रॉयल्स (RR) की खोज बिहार के वैभव सूर्यवंशी के बचपन के कोच मनीष ओझा को उम्मीद है कि उनका 14 साल का शिष्य अगले एक या दो साल में भारत की टी20 टीम में जगह बना लेगा. वैभव ने अपनी ऐतिहासिक पारी के दौरान 11 छक्के और 7 चौके जड़े.
VIDEO | IPL 2025: Rajasthan Royals' 14-year-old prodigy Vaibhav Suryavanshi's blitzkrieg of a 35-ball ton in IPL against Gujarat Titans has thrilled everyone across the globe. The social media erupted in joy as everyone had to say something or the other about the prodigy. Here's… pic.twitter.com/rFZHaSbKgt
— Press Trust of India (@PTI_News) April 29, 2025
मनीष ओझा ने पीटीआई से कहा, ‘एक कोच के रूप में यह मेरे लिए गर्व का क्षण है. बिहार जैसे राज्य के लिए, जो खेलों में मजबूत नहीं है, यह सूरज की किरण की तरह है. उसने कई लोगों को प्रेरित किया होगा, उसने बिहार को भारत में क्रिकेट के मानचित्र पर ला दिया है.’
उन्होंने कहा, ‘मुझे पूरा विश्वास है कि अगर वह इसी तरह से खेलता रहा तो निश्चित तौर पर अगले एक-दो साल में भारत की टी20 टीम में जगह बना लेगा.’
सूर्यवंशी पहले ही भारत अंडर-19 के लिए खेल चुके हैं और उन्होंने जनवरी 2024 में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया था. ओझा ने कहा, ‘वह नैसर्गिक प्रतिभा का धनी है और किसी भी चीज को तुरंत सीख लेता है. उसे लंबे शॉट खेलना पसंद है. दो साल पहले अकादमी में एक प्रैक्टिस सेशन के दौरान मैंने उससे पूछा कि वह एक और दो रन क्यों नहीं लेता तो उसने कहा अगर मैं छक्के लगा सकता हूं तो एक-दो रन लेने की जरूरत नहीं है.’
वैभव सूर्यवंशी को बचपन से ही क्रिकेट के प्रति लगाव था. वैभव का जन्म बिहार के समस्तीपुर जिले के मोतीपुर में हुआ. 5 साल की उम्र से ही वैभव को उनके पिता संजीव नेट प्रैक्टिस कराने लगे. वैभव के पिता ने इसके लिए घर पर ही नेट लगवाया. फिर वैभव ने समस्तीपुर की क्रिकेट एकेडमी में दाखिला लिया. इसके बाद वैभव ने पटना के जीसस एकडेमी में मनीष ओझा से ट्रेनिंग ली.