जंग से जूझ रहे पूर्वी कांगो के विरुंगा नेशनल पार्क में एक मादा माउंटेन गोरिल्ला ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया है. पार्क के अधिकारियों ने इस लुप्तप्राय प्रजाति के लिए बड़ी घटना बताया है. 3 जनवरी को खोजे गए इन दो नर बच्चे स्वस्थ दिख रहे हैं. मां का नाम माफुको है, जो 22 साल की है. यह खबर संरक्षण कार्यकर्ताओं के लिए उम्मीद की किरण है, क्योंकि माउंटेन गोरिल्ला की संख्या बहुत कम है.
जुड़वां जन्म क्यों है खास?
माउंटेन गोरिल्ला में जुड़वां बच्चे पैदा होना बहुत दुर्लभ है – सभी जन्मों में सिर्फ 1% ही जुड़वां होते हैं. पार्क में आखिरी जुड़वां जन्म 2020 में हुआ था. माफुको ने पहले भी 2016 में जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था, लेकिन वे एक हफ्ते बाद मर गए थे. अब तक माफुको के कुल 7 बच्चे हो चुके हैं.
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नए जुड़वां बच्चे बागेनी फैमिली में पैदा हुए हैं, जो पार्क की सबसे बड़ी फैमिली है – अब इसमें 59 सदस्य हो गए हैं. पार्क ने कहा कि यह जन्म बागेनी फैमिली की गतिशीलता और माउंटेन गोरिला की बढ़ती आबादी के लिए संरक्षण प्रयासों में बड़ी घटना है.
A mountain gorilla has given birth to twins in war-ravaged eastern Congo, a national park said on Wednesday, in what it described as "a major event" for the endangered subspecies. https://t.co/G6cBoyhfwx https://t.co/G6cBoyhfwx
— Reuters Science News (@ReutersScience) January 7, 2026
माफुको की कहानी: संघर्ष से जीत तक
माफुको का जन्म 2003 में काबिरिजी फैमिली में हुआ था. 2007 में जब वह सिर्फ 4 साल की थी, उसकी मां को हथियारबंद लोगों ने मार डाला. इसके छह साल बाद 2013 में वह बागेनी फैमिली में शामिल हो गई. माफुको की जिंदगी संघर्षों से भरी रही, लेकिन अब वह एक मजबूत मां बन चुकी है. पार्क की तस्वीरों में वह हरी पत्तियों के बीच बैठकर दोनों बच्चों को गोद में लिए दिख रही है.
जुड़वां बच्चों की देखभाल मुश्किल होती है, क्योंकि शुरुआती महीनों में बच्चे पूरी तरह मां पर निर्भर रहते हैं. पार्क स्टाफ इनकी बारीकी से निगरानी कर रहा है ताकि वे सुरक्षित रहें.
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विरुंगा नेशनल पार्क: गोरिल्ला का घर, लेकिन खतरे में
विरुंगा अफ्रीका का सबसे पुराना नेशनल पार्क है, जो 3000 वर्ग मील से ज्यादा क्षेत्र में फैला है. यहां दुनिया के आखिरी माउंटेन गोरिल्ला रहते हैं – कुल विश्व आबादी करीब 1000 ही है. लेकिन पार्क का बड़ा हिस्सा विद्रोहियों के कब्जे में है. युद्ध, जंगल कटाई और शिकार से गोरिल्ला को खतरा बना रहता है.
फिर भी, संरक्षण प्रयासों से गोरिल्ला की संख्या बढ़ रही है. पार्क रेंजर्स और ट्रैकर्स दिन-रात इनकी रक्षा करते हैं. यह जुड़वां जन्म संरक्षण की सफलता का प्रतीक है.
क्यों महत्वपूर्ण है यह खबर?
माउंटेन गोरिल्ला IUCN की लुप्तप्राय सूची में हैं. उनका जन्म आबादी बढ़ाने में मदद करता है. यह घटना दिखाती है कि सही प्रयासों से प्रकृति को बचाया जा सकता है, भले ही इलाका युद्धग्रस्त हो. दुनिया भर के वैज्ञानिक और संरक्षण संगठन इसकी निगरानी कर रहे हैं.