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साइंस न्यूज़

जल्द बनेगी दुनिया की पहली 'Infinity Train', ये डीजल से नहीं...धरती की ताकत से चलेगी

worlds first infinity train
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ऑस्ट्रेलिया की एक खनन कंपनी ऐसी ट्रेन बनाने जा रही है, जिसे ईंधन की जरूरत नहीं होगी. इसका नाम इनफिनिटी ट्रेन (Infinity Train) है. यह अपने नाम के हिसाब से अनंत समय तक बिना किसी पारंपरिक ईंधन के चलती रहेगी. यानी इसमें डीजल, कोयला जैसे ईंधन का उपयोग नहीं होगा. यह चलेगी हमारी धरती की ताकत से. ऐसी ताकत जो जल्दी खत्म नहीं होने वाली. इसके लिए खनन कंपनी ने एक एडवांस्ड इंजीनियरिंग फर्म को भी खरीद लिया है. अब यह इंजीनियरिंग कंपनी ट्रेन बनाने का काम करेगी. (प्रतीकात्मक फोटोः लॉरेंट जोलेट/अनस्प्लैश)

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इसके ट्रेन के बनने से फायदा यह होगा कि प्रदूषण का स्तर कम होगा. जीरो एमिशन की तरफ ऑस्ट्रेलिया तेजी से बढ़ेगा. साथ ही लौह अयस्क को कम कीमत में एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जा सकेगा. वह भी ज्यादा मात्रा में. लेकिन समझने वाली बात ये है कि ऐसी कौन सी ऊर्जा है जिससे यह ट्रेन अनंत समय तक चलती रहेगी? क्या इस ट्रेन को बनाना आसान होगा? (प्रतीकात्मक फोटोः ब्रेट सेलेस/पिक्सेल)

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ऑस्ट्रेलियाई खनन कंपनी फोर्टेस्क्यू (Fortescue) ने एक विलियम्स एडवांस्ड इंजीनियरिंग (WAE) को हाल ही में खरीदा है. कंपनी का मकसद है कि वह ऐसी ट्रेन बनाए जो एक से दूसरी जगह जाते समय चार्ज होती रहे. उसकी ऊर्जा बैटरी में सुरक्षित होती रहे. वापस लौटते समय फिर से ट्रेन चार्ज हो और ऊर्जा बचती रहे. इससे बैटरी उसकी ऊर्जा कभी खत्म नहीं होगी. (प्रतीकात्मक फोटोः निक सोरोकिन/अन्स्प्लैश)

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इसे चार्ज करने के लिए धरती की गुरुत्वाकर्षण शक्ति (Earth Gravitational Force) की सबसे ज्यादा जरूरत होगी. क्योंकि जब कोई 244 बोगियों वाली ट्रेन में 34,404 टन लौह अयस्क भरा होगा, तो वह भारी होगी. जब यह ट्रेन माल खाली करके वापस लौटेगी तब इसे ग्रैविटेशनल फोर्स से चार्ज किया जाएगा. तब इसका वजन कम होगा. भारी ट्रेन भी गुरुत्वाकर्षण शक्ति से ही अपनी बैटरी को चार्ज करेगी. (प्रतीकात्मक फोटोः गेटी)

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फोर्टेस्क्यू की सीईओ एलिजाबेथ गेन्स ने बयान देकर कहा कि इनफिनिटी ट्रेन (Infinity Train) दुनिया की सबसे बेहतरीन, ताकतवर और क्षमतावान बैटरी संचालित इलेक्ट्रिक ट्रेन होगी. हम इसकी बैटरी को धरती की गुरुत्वाकर्षण शक्ति और ट्रेन की गति से चार्ज करेंगे. यह रीन्यूएबल एनर्जी से चलने वाले वाहन का सबसे सटीक उदाहरण होगा. हम डीजल का उपयोग बंद कर देंगे. प्रदूषण मुक्त मालवाहक ट्रेन चलाएंगे. (प्रतीकात्मक फोटोः मार्को मॉन्टेरो पिसानी/अनस्प्लैश)

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फोर्टेस्क्यू (Fortescue) ऑस्ट्रेलिया की चौथी सबसे बड़ी लौह अयस्क कंपनी है. इसने पिछले आर्थिक वर्ष में 8.2 करोड़ लीटर डीजल की खपत की थी. लेकिन उसे अब भरोसा है कि नई तकनीक से वह डीजल की खपत को तेजी से कम कर पाएगी. ग्रैविटी बहुत बड़ी ऊर्जा की स्रोत है. इसकी वजह से बनने वाली बैटरी को ग्रैविटी बैटरी कहते हैं. यह कोई नया कॉन्सेप्ट नहीं है. कई आधुनिक कारों में रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग होती है. यानी ब्रेक लगाने पर पैदा होने वाले घर्षण से ऊर्जा पैदा होती है. यही तकनीक इनफिनिटी ट्रेन (Infinity Train) में उपयोग की जाएगी. (प्रतीकात्मक फोटोः गेटी)

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नेवादा में साल 2020 से एक एनर्जी स्टोरेज फैसिलिटी बन रही है. जहां पर वैसी रीन्यूएबल एनर्जी को बचाया जाता है, जो ऊपर चढ़ने वाली बड़ी ट्रेनों से बची होती है. यानी जरूरत के हिसाब से ऊर्जा को बांटा जाता है. अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि यह तकनीक कितनी कारगर है. या सफल है. लेकिन नेवादा की कंपनी का दावा है कि उनके पास 50 मेगावॉट स्टोरेज है. अगर इस तरह की ऊर्जा को ट्रेन परिवहन के लिए उपयोग किया जाए तो बड़ा बदलाव आ सकता है. (प्रतीकात्मक फोटोः इरा बॉउमैन/पिक्सेल)