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साइंस न्यूज़

Dream Chaser: फिर शुरु हो रहा है अमेरिकी 'Space Shuttle' प्रोग्राम, लैंडिंग दुनिया के चार कोनों में कहीं भी

Dream Chaser Sierra Space
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अमेरिकी कंपनी सिएरा स्पेस (SS) ने नया अंतरिक्षयान बनाया है. इसका नाम है ड्रीम चेसर (Dream Chaser). यह स्पेस शटल प्रोग्राम की तरह टेकऑफ और लैंडिंग करेगा. पिछले साल ही सिएरा स्पेस कंपनी को कॉमर्शियल रनवे लैंडिंग की अनुमित मिली थी. अब उसने तीन देशों में लैंडिंग के लिए अंतरराष्ट्रीय समझौता किया है. कंपनी का मुख्यालय दक्षिणी न्यू मेक्सिको में स्थित है. जिसका नाम है स्पेसपोर्ट अमेरिका (Spaceport America). (फोटोः SS Dream Chaser)

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सिएरा स्पेस ने इसके अलावा अलाबामा के हंट्सविले, जापान के ओइटा एयरपोर्ट और यूनाइटेड किंगडम के स्पेसपोर्ट कॉर्नवॉल में लैंडिंग की अनुमित हासिल कर ली है. ताकि ड्रीम चेसर (Dream Chaser) को लैंडिंग में किसी तरह की दिक्कत न हो. जब यह धरती के वायुमंडल में प्रवेश करे तो भी लैंडिंग साइट इसके नजदीक हो, ये वहां पर उतर सके. ताकि एस्ट्रोनॉट्स और यान सुरक्षित रह सकें. (फोटोः SS Dream Chaser)

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पिछली साल फरवरी में ड्रीम चेसर (Dream Chaser) की सफल लैंडिंग कराई गई थी. अमेरिका की फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) के ऑफिस ऑफ कॉमर्शियल स्पेस ट्रांसपोर्टेशन ने सिएरा स्पेस (SS) को केप केनवरल स्पेसपोर्ट शटल लैंडिंग फैसिलिटी में अपना स्पेस प्लेन ड्रीम चेसर लैंड कराने की अनुमति पहले ही दे चुका है.  (फोटोः SS Dream Chaser)
 

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11 साल बाद अमेरिका की जमीन पर अमेरिका द्वारा विकसित स्पेसप्लेन फिर से अंतरिक्षयात्रियों को स्पेस में ले जाएगा.  स्पेस प्लेन ड्रीम चेसर (Dream Chaser Spaceplane) दुनिया का इकलौता ऐसा स्पेसप्लेन है जो किसी भी रनवे पर लैंडिंग कर सकता है. यह स्पेस साइंस की दुनिया में एक नया अध्याय है. ड्रीम चेसर (Dream Chaser) किसी भी ऐसे रनवे पर उतर सकता है, जिसकी लंबाई 10000 फीट हो. यह सामान्य विमान की तरह ही लैंडिंग करेगा. इस प्लेन की खासियत ये है कि ये लैंडिंग के समय भी सुरक्षित रहेगा. इसके अंदर मौजूद साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट्स और एस्ट्रोनॉट्स भी सेफ रहेंगे. (फोटोः SS Dream Chaser)

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ड्रीम चेसर (Dream Chaser) की पहली अंतरिक्ष यात्रा का नाम टेनासिटी स्पेसप्लेन दिया गया है. यह अपने साथ 5000 किलोग्राम वजन के पेलोड्स लेकर उड़ सकता है. इसमें अगर कार्गो न हो तो यह 3 से 7 एस्ट्रोनॉट्स को लेकर स्पेस में ले जा सकता है.  (फोटोः SS Dream Chaser)

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ड्रीम चेसर (Dream Chaser) लो अर्थ ऑर्बिट में यात्रा करेगा यानी फिलहाल ये इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन तक आने-जाने के लिए बनाया गया है. अभी तक SS ने ऐसे दो स्पेसप्लेन बनाए हैं. इसकी पहली लॉन्चिंग इस साल होने की उम्मीद है. इसे अंतरिक्ष में भेजने के लिए वल्कैन सेंटॉर रॉकेट से लॉन्च किया जाएगा. इसे दुनिया की दिग्गज कंपनियों ने मिलकर बनाया है. ये हैं- एयरोजेट, एडमवर्क्स, चार्ल्स स्टार्क ड्रेपर लेबोरेटरी, लॉकहीड मार्टिन, एमडीए और यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो शामिल हैं. इसे बनाने की पहली घोषणा साल 2004 में की गई थी. (फोटोः SS Dream Chaser)

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फिलहाल ड्रीम चेसर (Dream Chaser) के लिए चार स्पेस फ्लाइट्स की योजना है. पहली फ्लाइट इस साल होगी. यह एक डेमोन्सट्रेशन फ्लाइट होगी. इसके बाद ड्रीम चेसर 1, ड्रीम चेसर 2 और ड्रीम चेसर 3 की फ्लाइट्स होंगी. इन फ्लाइट्स की डेट अभी तय नहीं की गई हैं. ये सभी उड़ानें वल्कैन सेंटॉर रॉकेट से लॉन्च की जाएंगी. (फोटोः SS Dream Chaser)

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ड्रीम चेसर (Dream Chaser) को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने भी इस यान को लेकर अपनी सहमित दी है. यूनाइटेड नेशंस ऑफिस फॉर आउटर स्पेस अफेयर्स ने कहा है कि उसके सदस्यों को ये दो हफ्ते की अंतरिक्षयात्रा कराएगी. इस मिशन के दौरान 35 पेलोड्स अंतरिक्ष में भेजे जाएंगे. इस मिशन की लॉन्चिंग 2024 में होने की उम्मीद है. (फोटोः SS Dream Chaser)

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ड्रीम चेसर (Dream Chaser) प्रोग्राम के लिए SS ने नासा के पूर्व एस्ट्रोनॉट और स्पेस शटल कमांडर ली आर्कमबॉल्ट को अपने यहां बुलाया. ली आर्कमबॉल्ट को नासा में 15 साल काम करने का अनुभव है. साथ ही उन्होंने नासा के स्पेस शटल अटलांटिस और डिस्कवरी को भी उड़ाया है. (फोटोः SS Dream Chaser)

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साल 2012 में नासा ने SS को स्पेस प्लेन ड्रीम चेसर (Dream Chase Spaceplane) पर काम करने के लिए 212.5 मिलियन डॉलर्स यानी 1548 करोड़ रुपए दिए थे. उसके बाद से इस यान को बनाने के काम में ज्यादा तेजी आई है. (फोटोः SS Dream Chaser)