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साइंस न्यूज़

स्पेस स्टेशन पर उग रही है 'अमारा' सरसों, पाक चोई साग...ये है भविष्य की तैयारी

Pak Choi Plants in Space Station
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अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन यानी ISS पर मौजूद एस्ट्रोनॉट्स के लिए सब्जियों की ताजा खेप हाल ही में भेजी गई है. इसमें चाइनीज पत्ते वाले साग पाक चोई (Pak Choi) भी शामिल है. स्पेस स्टेशन पर एस्ट्रोनॉट्स इस पर गार्लिक पेस्ट और सॉय सॉस लगाकर खा रहे हैं. साथ ही अब इस साग को वो स्पेस स्टेशन पर उगाने की तैयारी में जुट गए हैं. पाक चोई साग खाने में टेस्टी और अत्यधिक पौष्टिक होता है. अगर यह अंतरिक्ष स्टेशन पर उगा तो भविष्य में मंगल और चांद पर जाने वाले मिशन में मदद मिलेगी. (फोटोः NASA)

Pak Choi Plants in Space Station
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एक्सपेडिशन-64 के क्रू मेंबर और नासा स्पेस एक्स क्रू-1 मिशन के कमांडर माइकल हॉपकिंस (फोटो में) ने स्पेस स्टेशन पर साइंटिस्ट्स के लिए ताजी सब्जियां धरती से मंगाई थीं. साथ ही ये भी कहा था कि इनमें से कुछ सब्जियों को अंतरिक्ष स्टेशन पर उगाया जाएगा. अब इस समय नासा साइंटिस्टस मैट रोमीन और जियोया मासा ऐसी सब्जियों को स्पेस स्टेशन पर उगाने में जुटे हैं. इस प्रयोग को Veg-03K और Veg-03L नाम दिया गया है. (फोटोः NASA)

Pak Choi Plants in Space Station
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Veg-03K और Veg-03L प्रयोग में 'अमारा' सरसों और पाक चोई को उगाया जाएगा. अमारा सरसों को इथियोपियन काले भी कहा जाता है. दोनों के शुरुआती परीक्षणों में अच्छी फसलें उगी. हॉपकिंस ने दोनों फसलों को स्पेस स्टेशन पर पहली बार 13 अप्रैल को लगाया था. उम्मीद है कि ये फसल 64 दिनों तक उगती रहेगी. अब तक स्पेस स्टेशन पर सबसे लंबे समय तक उगने वाली सब्जी होगी. (फोटोःNASA)

Pak Choi Plants in Space Station
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मैट रोमीन के मुताबिक पाक चोई को उगने में काफी समय लगता है. लेकिन ये अंतरिक्ष की विषम परिस्थितियों में भी उग सकता है. इसमें फूल भी आने लगे हैं. इसके लिए माइकल हॉपकिंस को धन्यवाद देना चाहिए कि उन्होंने एक पेंटब्रश के जरिए पौधे को पॉलीनेट कराया. यह एक बेहतरीन तरीका है पौधे को पॉलीनेट कराने का. (फोटोः NASA)

Pak Choi Plants in Space Station
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जियोया मासा ने कहा कि हमें धरती के ऐसे प्लांट्स खोजने होंगे जो मंगल और चांद पर लंबे समय तक फसल दे सकें. स्पेस स्टेशन पर माइकल हॉपकिंस जब भी खाली होते थे वो इन दोनों पौधों को की देखरेख करते थे. इसमें समय पर पानी देना, उन्हें पर्याप्त रोशनी देना. इसके अलावा यह भी देखना कि सही समय पर उनका उपयोग कर लिया जाए. (फोटोः गेटी)

Pak Choi Plants in Space Station
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जियोया ने कहा कि हर दिन पौधों पर नजर रखना. उनकी सेहत का ध्यान रखना एक भारी काम है. सही समय पर फसल काटना और उससे पहले उनसे नए पौधे पैदा करने का तरीका निकालना ये सारे काम अंतरिक्ष में आसान नहीं होते. माइकल हॉपकिंस ने अंतरिक्ष में फसल उगाने के कई नए तरीके ईजाद किए हैं. जो काफी आसान और सहज हैं. (फोटोः NASA)

Pak Choi Plants in Space Station
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माइकल इन पत्तों को लहसुन के पेस्ट और सॉय सॉस में डुबोते थे. फिर उसके बाद स्पेस स्टेशन पर लगे छोटे से फूड वॉर्मर में गर्म करके खाते थे. माइकल ने अपने नोट्स में लिखा था कि ये पत्ते गर्म होने के बाद बेहद टेस्टी लगते हैं. इनका टेक्सचर भी सही आता है और ये कुरकुरे भी हो जाते हैं. अमारा सरसों और पाक चोई दोनों ही पौधे खाने के लिए बेहतरीन हैं. (फोटोः NASA)

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जियोया ने बताया कि हम इन पत्तों को गर्म करके टैको या चीज बर्गर में भी लगा सकते हैं. रूसी अंतरिक्ष यात्री केन में बंद लॉबस्टर सलाद खाते हैं. इसलिए उन्होंने लेटस के पत्तों का रैप बनाया. ये इस रैप को लॉबस्टर सलाद के साथ खाते हैं. लेकिन जब उन्होंने पाक चोई और अमारा सरसों के पत्ते खाए तो वो पुराने स्वाद को भूल गए. क्योंकि ये काफी टेस्टी था. (फोटोः गेटी)

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नासा अगले साल स्पेस स्टेशन पर बौने टमाटर उगाने की सोच रहा है. जो चेरी टमाटर की तरह होगा. स्पेस स्टेशन पर ऐसे पौधे लगाए जाते हैं जो विटामिन-C और विटामिन-K से भरपूर हों. क्योंकि जो खाना पैक होकर अंतरिक्ष स्टेशन पर जाता है वो ज्यादा दिन नहीं चलता. वो खराब होने लगता है. साथ ही धीरे-धीरे उनके पोषक तत्व कम होने लगते हैं. (फोटोः गेटी)

Pak Choi Plants in Space Station
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मैट रोमीन कहते हैं कि इस समय अंतरिक्ष स्टेशन पर पौधे, सब्जियां, फल और फसलों को उगाने को लेकर कई प्रयोग चल रहे हैं. इनका चयन पोषक तत्वों के आधार पर किया जाता है. भविष्य में मंगल की यात्रा पर जाने वाले एस्ट्रोनॉट्स अपने साथ ऐसी सब्जियां उगाने की तकनीक साथ में ले जा सकते हैं. ताकि उन्हें ज्यादा दिनों तक डिब्बा बंद खाना न खाना पड़े. (फोटोः गेटी)