Makar Sankranti 2019: सूर्य का किसी राशी विशेष पर भ्रमण करना संक्रांति कहलाता है. सूर्य हर माह में राशी का परिवर्तन करता है, इसलिए कुल मिलाकर वर्ष में बारह संक्रांतियां होती हैं. परन्तु दो संक्रांतियां सर्वाधिक महत्वपूर्ण होती हैं-मकर संक्रांति और कर्क संक्रांति. सूर्य जब मकर राशी में जाता है तब मकर संक्रांति होती है. मकर संक्रांति से अग्नि तत्त्व की शुरुआत होती है और कर्क संक्रांति से जल तत्त्व की. इस समय सूर्य उत्तरायण होता है अतः इस समय किए गए जाप और दान का फल अनंत गुना होता है.
मकर संक्रांति का ज्योतिष से क्या संबंध है?
सूर्य और शनि का संबंध इस पर्व से होने के कारण यह काफी महत्वपूर्ण है. मान्यता है कि इसी त्योहार पर सूर्य अपने पुत्र शनि से मिलने के लिए आते हैं. आम तौर पर शुक्र का उदय भी लगभग इसी समय होता है इसलिए यहां से शुभ कार्यों की शुरुआत होती है. अगर कुंडली में सूर्य या शनि की स्थिति ख़राब हो तो, इस पर्व पर विशेष तरह की पूजा से उसको ठीक कर सकते हैं. जहां पर परिवार में रोग कलह तथा अशांति हो वहां पर रसोई घर में ग्रहों के विशेष नवान्न से पूजा करने से लाभ होता है.
मकर संक्रांति शुभ मुहूर्त (Makar Sankranti Shubh Muhurat)
पुण्य काल मुहूर्त- 07:14 से 12:36 तक (15 जनवरी 2019)
महापुण्य काल मुहूर्त- 07:14 से 09:01 तक (15 जनवरी 2019)
ऐसे करें मकर संक्रांति का पूजन (Makar Sankranti Pujan Vidhi)
- सूर्यदेव पर लोहबान दे धूप करें.
- सूर्यदेव के निमित तिल के तेल का दीपक जलाएं.
- सूर्यदेव पर उड़द की खिचड़ी और तिल के लड्डू का भोग लगाकर गरीबों में दान करें.
- तांबे के लोटे में पानी में काले तिल और गुड़ मिलाकर सूर्यदेव को अर्ध्य दें.
- हरिवंश पुराण का पाठ करें.
- ॐ सूर्याय नमः मंत्र का जाप करें.
सूर्य से लाभ पाने के लिए क्या करें?
- लाल फूल और अक्षत डाल कर सूर्य को अर्घ्य दें.
- सूर्य के बीज मंत्र का जाप करें.
- मंत्र होगा- "ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः"
- लाल वस्त्र, ताम्बे के बर्तन तथा गेंहू का दान करें.
- संध्या काल में अन्न का सेवन न करें.
शनि से लाभ पाने के लिए क्या करें?
- तिल और अक्षत डाल कर सूर्य को अर्घ्य दें.
- शनि देव के मंत्र का जाप करें.
- मंत्र होगा- "ॐ प्रां प्री प्रौं सः शनैश्चराय नमः"
- घी, काला कंबल और लोहे का दान करें.
- दिन में अन्न का सेवन न करें.