3 अप्रैल मंगलवार को गणपति जी कल्याण करेंगे. पवित्र वैशाख मास की अंगारकी संकष्टी चतुर्थी है. गणेश जी की पूजा करने से हर समस्या हल होगी. लकड़ी के गणेश जी आपके बच्चों की रक्षा करेंगे. आपके द्वार से अशांति, क्लेश, दरिद्रता और अशिक्षा आपके घर नहीं घुसने देंगे. घर का वास्तु दोष दूर करेंगे और शत्रु को शांत करेंगे.
चतुर्थी का ग्रह नक्षत्रों का अच्छा संयोग बना है. गणेश चतुर्थी को मंगलवार है गुरु का विशाखा नक्षत्र है.चंद्र और गुरु एक ही तुला राशि में है. गजकेसरी राज योग बन रहा है. लकड़ी में पीले गणेश जी की पूजा करने से हर मुश्किल काम बन जाएगा.
मंगलवार की चतुर्थी पर लकड़ी के गणेश जी करेंगे घर की रक्षा
मंगलवार को वैशाख मास कृष्ण चतुर्थी होती है. इसे अंगारकी संकष्टी चतुर्थी के रूप में मनाते हैं. लकड़ी के गणेश जी की मुख्य द्वार या पूजा स्थान पर स्थापना करे तो बहुत लाभ होता है. उस घर में क्लेश,अशांति ,दरिद्रता और अशिक्षा कभी नहीं घुस पाती है. कहते हैं सिंदूर एक राक्षस था जो लोगों के घर में घुसकर अशांति और हानि फैलाता था. गणेश जी ने इसका वध किया था. गणेश जी मुख्य द्वार पर बैठे रहते हैं.
धन और समृद्धि आने के लिए लकड़ी के गणेश जी की स्थापना करें
लकड़ी के गणेश जी लाएं. उनको लाल सिंदूर से तिलक लगा दें. पीले वस्त्र धारण करा कर उन्हें घर के अंदर मुख्य द्वार के ऊपर स्थापित कर दें. लाल सिंदूर से उनके दोनों तरफ स्वस्तिक बना दें. दो-दो खड़ी रेखाओं से दोनों तरफ से घेर दें. दोनों तरफ ऋद्धि -सिद्धि लिख दें -ये दोनों उनकी पत्नी हैं. उनके दोनों पुत्रों के नाम शुभ और लाभ लिख दें.
सफ़ेद फूल चढ़ाएं, पीले फूल की माला पहनाएं. 21 लड्डू का भोग लगाएं, चार केले चढ़ाएं. जल छिड़कें. पान सुपारी लौंग इलायची चढ़ाएं. घी के दीपक, कपूर और चन्दन अगरबत्ती से आरती करें. ॐ गणेशाय नमः का जाप करें.
घर के वास्तु दोष को भी दूर करेंगे लकड़ी के गणेश जी
मुख्य द्वार के गणेश जी वास्तु दोष को दूर करते हैं. गणेश जी के सामने एक स्फटिक का पिरामिड स्थापित कर दें. गणेश जी को रोज एक लड्डू का भोग लगाएं. एक लाल फूल चढ़ाएं, कपूर की आरती कर, आरती पूरे घर में घुमाएं.