उपहार किसी व्यक्ति के प्रति अपना सम्मान या भावनाओं को व्यक्त करने के लिए दिया जाता है. कभी कभी किसी व्यक्ति का सहयोग करने के लिए भी उपहार दिया जाता है. उपहार देने में हमेशा सावधानी रखनी चाहिए, क्योंकि गलत उपहार देने से संबंध खराब हो सकते हैं. सही उपहार से रिश्ते मजबूत होते हैं और स्वयं को भी लाभ होता है.
उपहार देते वक्त ये सावधानियां बरतें
उपहार में नियमित प्रयोग की जाने वाली वस्तु देना शुभ होता है. सजावटी चीजें कम से कम देनी चाहिए. श्रृंगार की सामग्री और सौंदर्य प्रसाधन उसी को दें, जिससे आपके रिश्ते बहुत करीबी हों. एक व्यक्ति का दिया हुआ उपहार, किसी दूसरे को कभी नही देना चाहिए. प्रेम के मामले में कांच की वस्तुएं या ताजमहल उपहार में न दें. जहां तक हो सके देवी देवताओं की मूर्तियां उपहार में न दें.
जैसा उद्देश्य वैसा उपहार
किसी वरिष्ठ या गुरुजन को कलम या पुस्तक का उपहार दें. प्रेम के मामले में सुगंधित चीजें, कपड़े या फूल गिफ्ट दे सकते हैं. विवाह के अवसर पर वस्त्र, घर की चीजें और मिठाई जरूर दें. संतान प्राप्ति के अवसर पर चांदी की कोई चीज दे सकते हैं. पति-पत्नी के मामले में घड़ी का उपहार सर्वोत्तम होता है. फ्रेंडशिप के मामले में चॉकलेट या संगीत से जुड़ी कोई चीज दे सकते हैं. टूटे रिश्ते को जोड़ने के लिए सुगंधित मोमबत्ती और घड़ी दे सकते हैं.
राशिनुसार कौन सा गिफ्ट है सही?
- मेष- सौंदर्य या सुगंधित चीजें
- वृष- मीठी चीजों का उपहार दें
- मिथुन- सजावटी मूर्तियां
- कर्क- इलेक्ट्रॉनिक्स की वस्तुएं
- सिंह- जूते, बेल्ट या पर्स
- कन्या- कलम, किताब, लैंप
- तुला- चॉकलेट, मिठाई, शरबत
- वृश्चिक- आभूषण या सुगंधित वस्तु
- धनु- इलेक्ट्रोनिक्स या बर्तन
- मकर- चांदी की वस्तुएं, प्रकाश वाली वस्तुएं
- कुम्भ- लकड़ी की चीजें या आभूषण
- मीन- पौधे या पुस्तकें